गन्नौर। कोरोना के कहर बरपाने के बाद सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की किल्लत हो रही है। इसके साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडरों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में कुछ लोग ऑक्सीजन सिलिंडरों की कालाबाजारी कर मोटा मुनाफा कमाने में लगे हैं। ऑक्सीजन सिलिंडरों की कालाबाजारी का मामला बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में सामने आया है। सूचना पर शनिवार को पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों के होलसेल कारोबारी के मैनेजर को रिटेल में ऑक्सीजन सिलिंडरों को निर्धारित दामों से अधिक में बेचते पकड़ा है। इसके बाद फैक्टरी को सील कर दिया गया। थाना बड़ी पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर के होलसेल करने वाली गणेश प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी हैं। फैक्टरी में ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों को रिफिल किया जाता है। सोनीपत निवासी राहुल का चचेरा भाई बीमार है और उसके कोमा में होने के कारण उसे ऑक्सीजन की जरूरत थी। राहुल बड़ी औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 स्थित गणेश प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचा और ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग की। आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधक कशिश कुमार ने राहुल से सिलिंडर देने के लिए 30 हजार रुपये मांगे, जो निर्धारित कीमत से तीन गुना तक अधिक थे। कशिश कुमार ने सिलिंडर लौटाने पर भी उसे खाली सिलिंडर के रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। इस पर राहुल ने मामले की शिकायत पुलिस को दी।
शिकायत पर सोनीपत से डीएसपी सिटी डॉ. रवींद्र कुमार, सोनीपत नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. आदर्श शर्मा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ मनीष मलिक वहां पहुंचे। टीम ने राहुल को सिलिंडर खरीदने के लिए फैक्टरी में भेज दिया। राहुल ने फैक्टरी प्रबंधक कशिश कुमार को 25 हजार रुपये नगद व 3800 रुपये पेटीएम के माध्यम से कुल 28800 रुपये दिए। इस पर तुरंत टीम मौके पर पहुंची और फैक्टरी प्रबंधक को रुपयों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि फैक्टरी से ऑक्सीजन गैस सिलिंडर होलसेल में दिए जाने चाहिए, जबकि फैक्टरी से सिलिंडरों को रिटेल पर लोगों को मोटे रेट पर बेचा जा रहा था। इस पर टीम ने फैक्टरी प्रबंधक को राउंड अप कर लिया है। डीएसपी डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधक के खिलाफ बड़ी औद्योगिक क्षेत्र पुलिस आपदा प्रबंधन अधिनियम व आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा। मामले में गहनता से जांच जारी है।
ऑक्सीजन गैस सिलिंडर बाजार से 8 से 10 हजार रुपये में मिल जाता है। सिलिंडर रिफिल का निर्धारित रेट 235 रुपये प्रति सिलिंडर है, लेकिन फैक्टरी में लोगों को यह सिलिंडर तीन गुना अधिक दामों में बेचा जा रहा था। फैक्टरी को सील कर दिया गया। - डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी
फैक्टरियों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति पर लगाई पाबंदी
कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन समिति के चेयरमैन एवं एडीसी अशोक बंसल ने फैक्टरियों को ऑक्सीजन आपूर्ति पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत आदेशों में उन्होंने सोनीपत जिले की सीमा में औद्योगिक इकाइयों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति प्रतिबंधित की है। उन्होंने विभिन्न प्रकार की कुछ औद्योगिक इकाइयों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति को बहाल रखा है, जिनमें एंपॉल्स एंड वॉयल्स, पेट्रोलियम रिफाइनरी, स्टील प्लांट्स, न्यूक्लीयर एनर्जी फैसीलिटिज, ऑक्सीजन सिलिंडर मेन्यूफैक्चर्ज, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स, फूड एंड वाटर प्यूरीफिकेशन और प्रोसेस इंडस्ट्री जिनमें निर्बाध रूप से भट्टियां चालू रखनी पड़ती हैं। आदेश का पालन कराने के लिए ड्रग कंट्रोल ऑफिसर गुरचरण सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, मॉनिटरिंग के लिए इंडस्ट्री सेफ्टी एंड हेल्थ के उपनिदेशक संजय मलिक को कंट्रोलिंग ऑफिसर लगाया है।