सोनीपत। गोहाना को जिला बनाने, जिला पार्षदों का कोटा निर्धारित, प्रोटोकॉल लागू करने, जिला प्लान कमेटी का गठन करने, मनरेगा का नाम बदलने के बजाय दिहाड़ी 400 से 700 रुपये करने की मांग को लेकर जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने सहयोगियों के साथ रोष जताया।
जिला पार्षद ने गोहाना रोड स्थित पंचायत भवन एवं जिला परिषद कार्यालय के सामने सरकार से सभी मांगों पर गौर कर उन्हें जल्द पूरा करने की मांग की। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने दूसरी किस्त जारी न होने पर बीपीएल परिवारों के अधूरे पड़े मकानों को लेकर सिर पर शेड रखकर सरकार को जगाने का काम किया।
कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीपीएल परिवारों को मकान बनाने के लिए पहली किस्त करीब 8 माह पहले जारी कर दी थी, लेकिन दूसरी किस्त अब तक जारी नहीं की है। आरोप है कि इसके कारण बीपीएल परिवार हैं। जिन परिवारों ने कर्ज लेकर मकान पूरा कर लिया है, उन्हें भी कर्ज के पैसे लौटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा अधिकतर बीपीएल परिवारों के मकान अधूरे पड़े हैं। सरकार ने वर्ष 2007 में बीपीएल परिवारों के लिए प्लॉट काटते समय सीवर की व्यवस्था, पेयजल, पक्की गलियां बनवाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक 95 फीसदी बीपीएल परिवारों के मकान कच्चे है। मनरेगा के तहत मजदूरी का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है। सरकार से मांग है कि जमीनी स्तर पर कार्य कर लोगों की परेशानी को दूर किया जाए। जिला पार्षदों को जिला प्लान कमेटी में शामिल किया जाए ताकि वह गांवों के विकास में अहम जिम्मेदारी को पूरा कर सकें। प्रदर्शन में जिला पार्षद रवि इंदौरा, जयसिंह, रविंद्र, राजेश, यशपाल बजाना, संत कुमार, देवेंद्र मौजूद रहे।