जांटी मोड स्थित पाठशाला से हरिद्वार गए बालकों से जानकारी लेती पुलिस।
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कुंडली/सोनीपत। जीटी रोड के पास जांटी मोड़ स्थित पंडित लख्मीचंद की पाठशाला में दीक्षा लेने आए बालकों के अपहरण के मामले में पुलिस ने तलाश शुरू की तो उन्हें हरिद्वार से बरामद कर लिया गया। दोनों बालक पाठशाला से निकलकर पहले बड़ौत और बाद में वहां से हरिद्वार स्थित पंडित लख्मीचंद की धर्मशाला में चले गए थे। पुलिस ने उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। बालकों के मिलने से पुलिस व परिजनों ने राहत की सांस ली है।
पंडित लख्मीचंद की पाठशाला के शिक्षक बलबीर शास्त्री ने पुलिस को बताया था कि पाठशाला में बच्चों को संस्कार के साथ ही कर्मकांड की दीक्षा दी जाती है। जिसके चलते प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों से भी बच्चे आकर यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने बताया था कि रोहतक के गांव भैंसरू का रहने वाला साहिल (14) व यूपी के जिला बागपत के गांव ट्योडी का रहने वाला आशु (12) पाठशाला में संस्कार व कर्मकांड की दीक्षा लेने आए थे। उन्होंने बताया था कि दोनों बालक 16 जनवरी की शाम को करीब पांच बजे दूध लेने जाने की बात कहकर पाठशाला से बाहर गए थे। उसके बाद से वह वापस नहीं लौटे। जिस पर कुंडली थाना पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने इस संबंध में बलबीर शास्त्री के बयान पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में एसआई सुरेंद्र की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों बालकों को हरिद्वार स्थित पंडित लख्मीचंद की धर्मशाला से बरामद कर लिया है। दोनों बालक दूध लेने की बात कहकर बाहर गए थे। यहां से वह बड़ौत चले गए और वहां से ट्रेन में सवार होकर हरिद्वार पहुंच गए। बालकों ने बताया कि वह पहले भी हरिद्वार स्थित पंडित लख्मीचंद की धर्मशाला में जा चुके थे। जिसके चलते ही वह हरिद्वार चले गए। पुलिस ने उन्हें परिजनों व पाठशाला संचालकों के हवाले कर दिया।
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पाठशाला से दूध लेने के लिए बाहर गए दो बालकों के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर दो टीम बनाई गई थीं। परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि बालक पहले भी हरिद्वार पंडित लख्मीचंद की धर्मशाला में जा चुके हैं। एक टीम को तुरंत हरिद्वार भेजा गया तो दोनों बालक वहां पर मिले। दोनों को यहां लाकर परिजनों व पाठशाला संचालक को सौंप दिया गया।
-सुरेंद्र, जांच अधिकारी, कुंडली थाना।