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Sonipat News: आठ साल बाद ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने की उम्मीद, मुख्यालय से मांगा इनवर्टर

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फोटो 1 - नागरिक अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए रखा हुआ फ्रिज। संवाद - फोटो : Samvad
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अनूप जाटयाण
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गोहाना। नागरिक अस्पताल में आठ साल से लंबित ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन की उम्मीद एक बार फिर जगी है। अस्पताल प्रशासन ने बिजली आपूर्ति के वैकल्पिक इंतजाम के लिए मुख्यालय से अलग इनवर्टर उपलब्ध कराने की मांग की है। इनवर्टर मिलते ही ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू किया जाएगा। विशेषकर आपातकालीन मरीजों और गर्भविवितयों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त 2018 में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने की मंजूरी दी थी। इसके लिए रक्त संरक्षण का विशेष रेफ्रिजरेटर उपलब्ध कराया गया और चिकित्सक डॉ. अरुण तथा लैब टेक्नीशियन अजीत नैन को प्रशिक्षण भी दिलाया गया। हालांकि संसाधनों की कमी और बाद में प्रशिक्षित चिकित्सक के स्थानांतरण के कारण योजना शुरू नहीं हो सकी।
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ब्लड स्टोरेज यूनिट में रक्त सुरक्षित रखने वाले रेफ्रिजरेटर के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति अनिवार्य होती है। बिजली बाधित होने पर वैकल्पिक पावर बैकअप नहीं होने से रक्त निर्धारित तापमान पर सुरक्षित नहीं रह पाता। यही वजह है कि वर्षों से रेफ्रिजरेटर अस्पताल में रखा होने के बावजूद यूनिट शुरू नहीं हो सकी।
शहर के ब्लड बैंक से होगा रक्त का भंडारण
अस्पताल में रक्त संग्रहण की सुविधा नहीं होने के कारण ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए नागरिक अस्पताल सोनीपत के ब्लड बैंक से अनुबंध किया गया है। जरूरत पड़ने पर वहीं से रक्त मंगाकर गोहाना अस्पताल में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
हर माह कई गर्भवतियों को करना पड़ रहा रेफर
नागरिक अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 150 प्रसव होते हैं। रक्त की कमी और आपात परिस्थितियों के कारण जून में 24 और जुलाई में अब तक 36 गर्भवती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने के बाद ऐसी महिलाओं को समय पर रक्त उपलब्ध हो सकेगा और अनावश्यक रेफरल में कमी आएगी।
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ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति अनिवार्य है। फिलहाल अस्पताल में बिजली का केवल एक ही स्रोत है। इसलिए मुख्यालय को अलग इनवर्टर उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। इनवर्टर मिलते ही ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू कर दी जाएगी।

डॉ. दिनेश छिल्लर, एसएमओ
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