संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। यमुना क्षेत्र में अवैध खनन और वसूली का धंधा लगातार पनप रहा है। इससे जुड़े कुख्यात हिस्ट्रीशीटर खून बहाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। निखिल हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस के सामने आया कि वह भी अवैध रेत खनन के धंधे से जुड़ा था। उसने चाय की दुकान भी वसूली के लिए ही खोल रखी थी। हिस्ट्रीशीटर होने के चलते उसका दबाव भी था। उसने धमकी देनी शुरू कर दी थी कि वह अपने क्षेत्र में किसी को अवैध खनन नहीं करने देगा। जिसके चलते ही उसकी दुश्मनी विपिन गुट से बढ़ गई थी। जिसमें आखिरकार निखिल की हत्या करा दी गई। इससे पहले स्टॉक इंचार्ज की भी हत्या हो चुकी है।
पुलिस ने निखिल हत्याकांड की तह तक जाने का प्रयास किया तो पता लगा कि उसने चाय की दुकान मुरथल मंडी के गेट के पास सिर्फ खनन को लेकर निगाह रखने के लिए की थी। वह अपने क्षेत्र में किसी अन्य को अवैध खनन नहीं करने की धमकी देता था। यमुना क्षेत्र पर रेत खनन किया जाता है। जिसका ठेका छुड़वाने के बाद खनन ठेकेदार रेत निकालकर बेचते है। इसमें कई हिस्ट्रीशीटर दबंगई दिखाकर अवैध वसूली करते है। यहां तक की वह अवैध खनन कर उसका स्टॉक कर भी उसे बेचते हैं। अवैध वसूली में वह लूटपाट व हिंसक वारदात करने से भी पीछे नहीं रहते। पिछले दिनों रेत खनन कंपनी के ट्रक चालकों से लूटपाट व मारपीट भी हुई थी। जिसमें आसपास के गांवों के कई लोग नामजद हुए थे। वहीं निखिल हत्याकांड में आरोपी विपिन का नाम अवैध रेत खनन में जबरन उगाही में आ चुका है। 25 जून, 2022 की रात को गांव बसौदी निवासी रेत स्टॉक इंचार्ज की हत्या हो चुकी है। उस मामले में विपिन का नाम भी सामने आया था।
कुख्यात राजू बसौदी ने कुबूला था रेत खनन ठेकेदारों से वसूलते थे 10 फीसदी रंगदारी
कुख्यात गैंगस्टर राजू बसौदी को जब एसटीएफ टीम थाईलैंड से लेकर आई तो उसने पूछताछ में टीम को बताया था कि वह रेत खनन में भी मोटी रकम वसूलते थे। राजू ने बताया था कि वह खनन ठेके के पास निगरानी के लिए अपने चार गुर्गे रखते थे। वह रेत खान से 10 फीसदी खनन अपने डंपर से कराते थे। जिससे उनकी मोटी कमाई होती थी। इसके लिए गुर्गे देखते थे कि एक दिन में कुल कितने वाहन रेत के निकले है। उसके 10 फीसदी वाहन उनके निकलते थे।
खनन मैनेजर पर हुआ था हमला
पुलिस ने रेत स्टॉक इंचार्ज की हत्या में रोहित नाम के युवक को पकड़ा था। उसने बताया था कि 24 जून, 2022 की देर रात खनन कंपनी के मैनेजर गांव मछरौला निवासी मोहित पर हमला हुआ था। हमला करने का आरोप बख्तावरपुर के विपिन और फोता व मेहंदीपुर के मौनी पर लगा था। उन्होंने मोहित पर पिस्तौल तान कर गोली चलाने का प्रयास किया था, लेकिन गोली नहीं चलने से उसकी जान बच गई थी। मोहित को शक था कि विपिन को उसके खनन कंपनी में होने की जानकारी जयदीप ने दी है। बाद में जयदीप की हत्या हो गई थी।