कोरोना से संक्रमित या ठीक होने के बाद कई जगह मिल रहे ब्लैक फंगस के मरीजों को लेकर हरियाणा के गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट है। यहां के अधिकारी और चिकित्सक शुगर के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों के खाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, ताकि उनका शुगर लेवल सही रहे। इसके साथ ही बीमारी की आशंका को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सरकार से ब्लैक फंगस के उपचार में इस्तेमाल आने वाले 500 टीकों की मांग की है।
कोरोना के बीच अब संक्रमित व ठीक होने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस की आशंका बन गई है। कई जगह इस बीमारी के मामले सामने आए हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी उन मरीजों में अधिक सामने आ रही हैं, जो शुगर से पीड़ित हैं। खानपुर कलां में बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज के विशेष कोविड अस्पताल में फिलहाल 162 मरीजों को इलाज चल रहा है।
ऐसे में चिकित्सक मरीजों से लगातार शुगर होने की जानकारी के साथ ही उनकी जांच भी कर रहे हैं। जिसको शुगर की बीमारी मिल रही है, उसके खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उसे इस प्रकार का कोई खाद्य या पेय पदार्थ नहीं दिया जा रहा है, जिससे मरीज का शुगर लेवल अधिक हो। इसके साथ ही कोरोना के इलाज में भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, यहां किसी भी मरीज को स्टेरॉयड नहीं दी जा रही है। मरीजों को सामान्य दवाएं ही दी जा रही है, ताकि वह जल्द स्वस्थ हो सकें।
विशेष कोविड अस्पताल में दाखिल किसी भी मरीज में अब तक ब्लैक फंगस के लक्षण नहीं मिले हैं और न ही कोई मरीज आया है। फिर भी ब्लैक फंगस की आशंका को लेकर सरकार से 500 टीकों की मांग की गई है। इसके साथ ही अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं। - डॉ. एपीएस बत्रा, निदेशक, बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज।