फोटो 01: सोनीपत के एक गांव में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कार्यक्रम में पहुंचने पर जिला कांग्रे
सोनीपत। पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि मनरेगा काम करने के सांविधानिक अधिकार सुनिश्चित करता है लेकिन भाजपा इसमें बदलाव करके इसे छीनने की कोशिश कर रही है। पहले हर परिवार को न्यूनतम 100 दिन तक काम की कानूनी गारंटी मिलती थी लेकिन अब कोई नहीं रहेगी।
पूर्व विधायक मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष संजीव दहिया के साथ गांव ठरू, सांदल कलां, माहरा में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि हर गांव में काम की कानूनी गारंटी मिलती थी लेकिन अब चुनिंदा गांवों तक यह सीमित हो जाएगी।
पहले मनरेगा के तहत कार्य करने वाले क्षेत्रवासी पूरे साल काम की मांग कर सकते थे लेकिन अब फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा। नए बदलाव के तहत ग्राम पंचायत को दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व विधायक ने मांग की कि काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी व जवाबदेही की गारंटी तय की जाए। ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने कहा कि मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी की जाए। काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली की जाए व न्यूनतम वेतन 400 रुपये तय किया जाए।
इस दौरान जिला पार्षद संजय बड़वासनी, विक्की पहलवान, हरिओम, कुलदीप देशवाल, रणदीप दहिया, पुनीत राणा, दिनेश हुड्डा, अशोक खत्री, रणबीर मलिक भी उपस्थित रहे।