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भाजपा ने कृषि कानून के बारे में समझाने को बरोदा के 54 गांवों में उतारी मंत्री, सांसद, विधायक समेत 25 नेताओं की फौज

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बरोदा हलके में ग्रामीणों को संबोधित करते पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला। - फोटो : Sonipat
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गोहाना/सोनीपत। बरोदा की सीट को कांग्रेस से छीनने के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगा दिया है और वह किसी भी तरह उपचुनाव में जीत हासिल करना चाहती है। इसमें उसको कृषि कानून का लगातार हो रहा विरोध रोड़ा बनता दिखा तो उसने कृषि कानूनों की जानकारी देने के लिए हलके के सभी 54 गांवों में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों समेत नेताओं की पूरी फौज उतार दी है। इसकी शुरुआत बुधवार से हुई और भाजपा के 28 नेताओं ने 54 गांवों में पहुंचकर कृषि कानून के बारे में लोगों को जानकारी दी। इसके साथ ही सरकार की अभी तक की उपलब्धियों व पाइपलाइन की योजनाओं के बारे में बताया गया तो कांग्रेस की खामियां भी उजागर की गईं।
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कृषि कानूनों का विरोध करते हुए किसान काफी जगह आंदोलन कर रहे है और इसका असर बरोदा में देखने को मिल सकता है। सरकार व भाजपा नेता मानते है कि किसातनों को कानूनों के बारे में सही जानकारी नहीं है और इसलिए ही वह इसका विरोध कर रहे है। इसको देखते हुए ही मतदान से पहले भाजपा ने लोगों को कृषि कानूनों की सही जानकारी देने के लिए बरोदा हल्के के हर गांव में पहुंचकर किसानों के सवालों के जवाब देने की योजना बनाई है। इसकी शुरूआत बुधवार से कर दी गई है और पहले दिन 28 नेताओं ने 54 गांवों में पहुंचकर कृषि कानून के बारे में जानकारी देना शुरू कर दिया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की अगुवाई में बरोदा गांव से इसकी शुरूआत की गई।
कांग्रेस के झूठ के चक्कर में नहीं आए किसान
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, कृषि मंत्री जेपी दलाल, मंत्री कमलेश ढांडा, राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि कृषि कानूनों से किसानों को फायदा होगा। क्योंकि उनको फसल बेचने की आजादी मिलेगी और मंडी पहले की तरह चलती रहेगी तो एमएसपी भी मिलता रहेगा। इन सभी नेताओं ने कहा कि किसानों को कांग्रेस के झूठ के चक्कर में नहीं आना चाहिए, क्योंकि उसने किसानों का केवल इस्तेमाल किया है।
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