सोनीपत। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों ने देश और विदेश में रोजगार के दरवाजे बंद कर दिए हैं। अमेरिका की ओर से एच-1बी वीजा का आवेदन शुल्क 1000 डॉलर से बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) करने से भारतीय युवाओं और कंपनियों पर गंभीर असर पड़ेगा।
सांसद रविवार को गांव राठधना में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार देश में युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही है। पढ़े-लिखे युवाओं ने विदेशों में कॅरिअर बनाने का सपना देखा था लेकिन अब अमेरिकी सरकार की नीतियों और केंद्र की खामोशी ने उनके सपनों को चूर-चूर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से साफ झलकता है कि वह भारतीयों के प्रति नकारात्मक रवैया रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति को अपना गहरा मित्र बताते हैं लेकिन इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है।
सांसद ने कहा कि इससे पहले अमेरिका ने 50 फीसदी के भारी टैरिफ लगाकर हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्यों की रीढ़ तोड़ दी थी। एक्सपोर्ट-आधारित उद्योगों पर तालाबंदी की नौबत आ गई और लाखों कामगारों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विफल विदेश व्यापार नीति और कूटनीतिक असफलता के कारण हरियाणा को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करे और अमेरिकी प्रशासन से बातचीत कर भारतीय कर्मचारियों व कंपनियों के हितों की रक्षा करे। भारत के आर्थिक हितों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
इस दौरान सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार, पदम सिंह दहिया, जिला प्रधान संजीव दहिया, सुरेंद्र शर्मा, जयभगवान आंतिल, मनोज रिढ़ाऊ, सुरेंद्र छिक्कारा, कमल हसीजा, ललित दीवान, राजीव दहिया मौजूद रहे।