सोनीपत। बिजली बिलों का भुगतान नहीं करने के कारण डिफाल्टर बने स्कूलों का मामला संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से उनकी रिपोर्ट मांगी है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि बिजली का बिल अधिक आने व समय पर बिल नहीं मिलने के कारण के कारण वह निर्धारित समय पर बिल का भुगतान नहीं कर पाते। बिल राशि बढ़ने पर बजट भी कम पड़ने लगता है।
शिक्षा विभाग की तरफ से सभी स्कूलों में बिजली आपूर्ति के लिए कनेक्शन लिया हुआ है। निगम की तरफ से बिजली बिल स्कूलों में भेज दिया जाता है। इसका समय पर भुगतान नहीं हो पाता। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि कभी स्कूल मुखिया का तबादला हो जाता है तो कभी समय पर बजट जारी नहीं होता। एक बार बिल अटका तो उसकी राशि बढ़ती चली जाती है। बिजली निगम व शिक्षा विभाग के मुख्यालय स्तर बकाया बिलों के भुगतान को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को बिजली के बिलों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं, इससे समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से प्राप्त निर्देशों से सभी को अवगत करा दिया गया है। सभी स्कूलों से बिजली बिलों की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। किसी स्कूल का बिजली निगम ने गलत बिल भेजा है तो उसका समाधान करवाया जाएगा। बिजली बिल संबंधी रिपोर्ट मुख्यालय भेजकर बजट की मांग की जाएगी, ताकि बिजली बिलों का भुगतान किया जा सके।