किसानों के भारत बंद को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने शुक्रवार के भारत बंद का एलान किया है। इससे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पैरामिलिट्री फोर्स व पुलिस की 21 कंपनी तैनात की गई हैं। जिले में 16 जगहों पर नाके लगाए गए हैं। आठ डीएसपी को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, आपात स्थिति के लिए पुलिस की 12 कंपनी रिजर्व में रखी गईं हैं। एसपी ने गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी निर्देश दिए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया है। कुंडली बॉर्डर पर किसानों की भीड़ के चलते यहां आंदोलन का असर अधिक ही रहता है। संयुक्त किसान मोर्चे के पदाधिकारियों ने बाजारों के साथ ही केजीपी, केएमपी और जीटी रोड पर आवागमन पूरी तरह बंद करने का एलान किया है। इसके चलते पुलिस सतर्क है।
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने सभी डीएसपी, थाना व चौकी प्रभारियों की बैठक ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। बंद वाले मार्गों से पहले ही वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया जाए।
प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जाए। इसके साथ ही लोगों से अपील की जाए कि वह बहुत जरूरी कार्य नहीं होने की स्थिति में अपनी यात्रा स्थगित कर दें। पुलिस ने जीटी रोड व केएमपी और केजीपी के साथ ही खरखौदा व गोहाना में ज्यादा संख्या में सुरक्षाकर्मी लगाए हैं। केजीपी, केएमपी और जीटी रोड पर आठ नाके लगाकर जरूरत के अनुसार फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 21 कंपनी लगाई हैं, जिसमें सीआईएसएफ, बीएसएफ, आरएएफ, आईआरबी को तैनात किया गया है। इसके अलावा 12 कंपनी रिजर्व में रखी गई है। पुलिस टीम आठ डीएसपी के नेतृत्व में तैनात रहेंगी। - जश्नदीप रंधावा, एसपी, सोनीपत।