कबीरपुर में पत्रकारवार्ता करते भाकियू (अ) के राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया व अन्य पदाधिकार?
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भाकियू (अंबावता) के राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया ने कहा कि कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान दिल्ली बॉर्डर पर लगातार धरना दे रहे हैं। उसके बाद भी सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आंदोलन के दौरान किसानों की लगातार मौत हो रही है, फिर भी सरकार हठधर्मी बनी हुई है। अब भाकियू (अ) की ओर से आंदोलन तेज करने के लिए ब्लॉक स्तर पर पंचायतें करने का निर्णय लिया गया है। शमशेर सिंह दहिया मंगलवार को कबीरपुर में पत्रकारवार्ता कर रहे थे।
शमशेर सिंह दहिया ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर सरकार अड़ियल रवैया अपना रही है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाकर किसानों की मांगें पूरी क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कृषि मंत्री के उस ब्यान पर भी खेद जताया, जिसमें उन्होेंने कहा था कि तीनों कृषि कानूनों में काला क्या है, पर आज तक उन्हें किसी ने नहीं बताया। दहिया ने कहा कि किसान पिछले दो महीने से अधिक समय से सरकार को बता रहे हैं कि तीनों कृषि कानून काले हैं। लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद ही बता दे कि ऐसा इन कानूनों में क्या है, जिससे किसानों की तकदीर बदल जाएगी। किसानों की दो मांग है कि कृषि कानून रद्द हों और दूसरी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाया जाए। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश दहिया, साहब सिंह आंतिल, जिलेसिंह आंतिल, जयकरण, अमर सिंह, दरियाव सिंह, सुलतान आंतिल आदि मौजूद रहे।