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Sonipat News: पौधों के पोषण से पहले... किसान की परीक्षा

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फोटो संख्या:69- सरकारी खाद  केंद्र पर डीएपी खाद बाइक पर रखता किसान--संवाद
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महेंद्रगढ़। रबी की फसल के लिए खेतों की जुताई में जुटे किसानों को पौधों के पोषण से पहले खुद कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। डीएपी और एनपीके की मांग बढ़ने और आपूर्ति कम रहने से सरकारी व निजी केंद्रों पर रोज 200 से अधिक किसान पहुंच रहे हैं। कई किसान घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। शुक्रवार को 50 डीएपी के बैग का स्टॉक बचा था। जो शनिवार को किसानों को बांट दिया गया।
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सरकारी खाद केंद्र के कर्मचारी नरेंद्र ने बताया कि दो दिन से किसानों को डीएपी खाद वितरित की जा रही है। शनिवार को 50 बैग डीएपी व 10 बैग एनपीके वितरित किया गया। सोमवार को 500 डीएपी बैग आने की संभावना है। वहीं, किसान धर्मपाल, सुरेश व सोमबीर ने बताया कि खाद न मिलने से घर खाली हाथ लौटना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि रबी की फसल की तैयारी को लेकर किसान अभी से खाद का इंतजाम करने में जुट गए हैं। खेतों में बुआई का समय नजदीक है लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है।
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एक किसान को पांच एकड़ के लिए खाद की जरूरत है लेकिन उसे दो ही डीएपी का बैग दिए जा रहे हैं। इससे किसानों को खाद के लिए बार-बार लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किसानों को दिया जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सरसों की बुआई को देखते हुए खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

हैफड मैनेजर जगराम ने बताया कि सरकारी खाद केंद्र पर 900 बैग डीएपी व 900 बैग एनपीके का स्टॉक था। शनिवार बची खाद किसानों को बांट दी गई है। किसानों को 2:1 के अनुपात में डीएपी और एनपीके वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार किसान दूसरे को लाइन में लगाकर किसी कार्य से चला जाता है। जब उसका नंबर आता है और ओटीपी के बारे में जानकारी ली जाती है तो वह ओटीपी पूछने में ज्यादा समय लगा देता है। इसकी वजह से अधिकांश किसान घंटों लाइन में लगे रहते हैं। दस हजार डीएपी की खेप की डिमांड भेजी हुई है। जैसे ही खाद आती रहेगी, वैसे ही किसानों को वितरित की जाएगी।
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