सीएम ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा मैं थारा कहते रहते हैं लेकिन मैं भी बरोदा का गोहांडी हूं। महम चौबीसी के निंदाना गांव में मेरा जन्म हुआ है। मेरा हरियाणा के चप्पे-चप्पे से रिश्ता है। जबकि भूपेंद्र हुड्डा ने अपने रिश्ते राजस्थान व अन्य प्रदेशों में बनाकर हरियाणा से रिश्तों को भुला दिया। उन्होंने बरोदा के पिछड़ने के लिए यहां के जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार बताया।
कहा कि यहां के विधायक उनके सामने अपने हलके के लिए योजनाएं लाने के साथ ही समस्याएं उठाते तो सभी काम कराए जाते। इस तरह ही पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा भी उनके पास कोई काम लेकर नहीं आते। जबकि बहुत से विपक्षी विधायक काम बताते हैं, जिन्हें पूरा भी करवाया जाता है।
हुड्डा खुद ही कमजोर, कांग्रेस की चाबी व गाड़ी देकर सुरजेवाला को बिहार भेजा: दुष्यंत चौटाला
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस की चाबी अपने पास होने की बात कहते हुए घूम रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने चाबी व गाड़ी दोनों ही रणदीप सुरजेवाला को देकर बिहार भेज दिया है। कहा कि खुद मजबूत नहीं होने वाले भी भाजपा-जजपा गठबंधन को तोड़ने की बात करते हैं। 30 विधायकों वाली कांग्रेस किस तरह से 57 विधायकों वाली भाजपा-जजपा को गिरा सकती है।
दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस प्रत्याशी पर भी तंज कसते हुए कहा कि उसकी पहुंच भी केवल बापू-बेटे तक है, जबकि पहलवान की पहुंच सीएम, पीएम, राष्ट्रपति भवन तक है। कहा कि हुड्डा ने प्रदेश के किसानों की 73 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण करके प्राइवेट बिल्डरों को सौंप दी जो सोनिया गांधी व इनके दामाद थे और दामाद करोड़पति बन गए।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि संसद में दो-दो फुट का आलू उगाने वाला भला किसान का दर्द कैसे समझ सकता है। किसानों की 73 हजार से भी ज्यादा जमीन हड़पने वाले ढिंढोरा पीट रहे हैं कि तीन अध्यादेश लागू होने से किसानों को नुकसान होगा। जबकि कांग्रेस ने ही यह ड्राफ्ट 2012 में तैयार किया था और भूपेंद्र हुड्डा उस पूरी प्रक्रिया में शामिल थे।