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बैंक सुरंग मामले के मास्टरमाइंड महिपाल के घर पुलिस का छापा

Sat, 15 Nov 2014 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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पीएनबी सुरंग मामले में पुलिस ने शुक्रवार शाम मास्टरमाइंड महिपाल के घर पर छापा मारा। बम निरोधक दस्ते के साथ पहुंची पुलिस ने अलमारी, बेड और शौचालय को पूरी तरह से उलट-पुलट कर जांच की। हालांकि इस पूरी छानबीन में पुलिस के हाथ क्या लगा है इसकी जानकारी तो नहीं हो पाई, लेकिन लोगों को जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद बंध गई है। गौरतलब है कि घटना के बाद पकड़े गए एक आरोपी सतीश ने चोरी का आधा माल महिपाल के पास ही होने की बात कही थी। इसी को आधार बनाकर बैंक के सामने धरने पर बैठे पीड़ित उसके परिजनों से पूछताछ और घर की तलाशी लेने की मांग कर रहे थे। यह मामला शुक्रवार दोपहर को सांसद रमेश कौशिक के सामने भी पीड़ितों ने रखा था।
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सांसद से शिकायत के कुछ घंटे बाद शुक्रवार शाम को गोहाना के डीएसपी राजीव देशवाल, गोहाना के तहसीलदार श्याम लाल के साथ शहरी थाना प्रभारी सितेंद्र भारी पुलिस बल के साथ गोहाना के महावीर चौक पर रोहन होटल के ऊपर रह रहे मृतक महिपाल भनवाला के घर पर दस्तक दी। पुलिस अपने साथ बम निरोधी दस्ते को लेकर भी पहुंची थी ताकि जमीन आदि में गड़े गहनों को तलाशा जा सके। पुलिस ने घर में बनी अलमारी, बेड, शौचालय को उखाड़कर जांच की वहीं संदेह की जगहों पर दीवारों के प्लास्टर तक को उखाड़ा। संदूक में रखे कपड़े आदि को पूरी तरह से उलट-पुलट दिया। शुक्रवार देर रात तक पुलिस  महिपाल के घर पर गहनों को खोजने की कोशिश कर रही थी।

क्यों पड़ा छापा
26 अक्तूबर की रात को पीएनबी बैंक के स्ट्रांग रूम तक सुरंग बनाकर बैंक के जिन लॉकरों से करोड़ों की चोरी की गई थी, उन तक पहुंचने के लिए बनाई गई सुरंग महिपाल भनवाला के जर्जर हो चुके घर से ही खोदी गई थी। लूट के इस बड़े मामले में भनवाला का नाम आया तो उसने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। पुलिस ने बाद में महिपाल को लॉकर लूट कांड का मास्टर माइंड भी करार दिया था।
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धरने से हो रहा 2 से 5 करोड़ का नुकसान: मैनेजर
गोहाना। पुराने बस स्टैंड पर स्थित पीएनबी की मुख्य शाखा के चीफ मैनेजर केएल विज शुक्रवार को भी धरने पर बैठे पीड़ित लॉकर धारकों से मिले। विज ने पीड़ितों से कहा कि वे पिछले 17 दिनों से धरने पर बैठे हैं। धरना बैंक के सामनपे होने से बैंक नहीं खुल पा रहा है। इससे बैंक के करीब 35 हजार उपभोक्ता तंग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धरना लगातार होने से करीब 2 से 5 करोड़ का लेनदेन प्रतिदिन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह केवल पीड़ितों को मानने का प्रयास करने आए हैं। चीफ मैनेजर ने कहा कि अगर पीड़ित बैंक खुलने दें तो उनकी समस्या के साथ ग्राहकों की समस्याएं भी काफी हद तक दूर हो सकती हैं। हालांकि चीफ मैनेजर की इस कवायद पर पीड़ितों ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया।
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