संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर कार्रवाई की है। गन्नौर क्षेत्र के दो युवकों रोहित और पवन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ये दोनों युवक दोस्त हैं और एक ही गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में शामिल पाए गए हैं। 14-सी पोर्टल से संदिग्ध बैंक खातों के सत्यापन के दौरान इंडियन बैंक, रेलवे रोड गन्नौर शाखा के एक खाते की जांच हुई। यह खाता रोहित के नाम पर था।
इसके खिलाफ ओडिशा, तमिलनाडु, झारखंड, असम और कर्नाटक समेत छह राज्यों में साइबर शिकायतें दर्ज थीं। खाते से करीब 13.26 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया। पूछताछ में रोहित ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी व पासवर्ड राजस्थान निवासी अनिल को चार हजार रुपये में दिए थे।
उस पर कमीशन के बदले संगठित अपराध में भूमिका निभाने का आरोप है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है।
साइबर थाना पुलिस ने पवन के खिलाफ भी अलग प्राथमिकी दर्ज की है। जांच में सामने आया कि उसके खातों में साइबर ठगी से जुड़े 8.83 लाख रुपये आए थे जो बाद में ठगों तक पहुंचाए गए। आरोप है कि पवन इसके बदले कमीशन प्राप्त करता था। गोहाना क्षेत्र के युवक सुनील के खिलाफ भी पहले एक प्राथमिकी दर्ज हुई थी जिसमें 64 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया था।
क्या होता है म्यूल अकाउंट
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहते हैं जिनका इस्तेमाल ठग धोखाधड़ी से मिली रकम को स्थानांतरित करने या पहचान छिपाने के लिए करते हैं। कई खाताधारक कमीशन के लालच में अपने खाते उपलब्ध कराते हैं। कुछ लोग अनजाने में भी साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लालच में आकर अपनी बैंक जानकारी किसी को न दें।