सोनीपत। ट्रक लूट और चालक की हत्या करने के मामले में नामजद आरोपी की जमानत याचिका पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट ने सुनवाई की। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी की यह दूसरी याचिका थी।
25 जुलाई 2012 को अनिल कुमार ट्रक लेकर ग्रेटर नोएडा सूरजपुर से काला अंब, हिमाचल प्रदेश जा रहे थे। अगले दिन ट्रक मंजिल पर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार के सदस्य उनकी खोजबीन करते हुए कुंडली पहुंचे तो पता चला कि अनिल की हत्या कर बदमाशों ने ट्रक लूट लिया है।
अनिल का शव टीडीआई के गटर से मिला था। उनकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। मामले में 31 अगस्त 2012 को हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में पता चला था कि ग्राम टोला पोस्ट, सिसिरता, डाकघर सिसिरिता, जिला रोहतास, बिहार निवासी अखिलेश कुमार ने अपने साथियों राकेश, रवींद्र व राहुल के साथ मिलकर चालक की हत्या की थी।
25 अक्तूबर 2013 को अखिलेश को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। करीब 12 साल बाद 15 मई 2024 उसे को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को अखिलेश ने बताया था कि राकेश, रवींद्र, राहुल और मनीष के साथ मिलकर उसने कुंडली बॉर्डर से ट्रक लूटा और चालक की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
ट्रक रविंद्र और राकेश के पास रहा। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी अखिलेश न्यायिक हिरासत में जेल में है। पहले भी उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। उसकी दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई मगर अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अपराध की गंभीरता और आरोपी के आचरण को ध्यान में रखते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का कोई आधार नहीं है।
आरोपी के आचरण से पता चलता है कि उसे कानूनी कार्यवाही और कानून का कोई सम्मान नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद परिस्थितियों में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हुआ है। केवल लंबी हिरासत जमानत देने के लिए पर्याप्त नहीं है।