फोटो 12- सोनीपत के नीलम माता मंदिर में सुंदरकांड पाठ के दौरान मौजूद महिलाएं। स्रोत : संस्था
सोनीपत। श्रीराम परिवार संस्था की ओर से चार मरला स्थित नीलम माता मंदिर में सुंदरकांड पाठ, हरिनाम संकीर्तन व श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। संस्था के प्रमुख ओमप्रकाश अरोड़ा ने रामचरितमानस का वर्णन किया।
उन्होंने सुनाया कि रावण वध के बाद श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, विभीषण सहित पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे। नंदीग्राम में उतरने के बाद श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से आशीर्वाद लिया। माताओं, भरत व शत्रुघ्न से भेंट की।
श्रीराम के वन से लौटने पर अयोध्या नगरी को दीपों से जगमग किया गया था। आरती की थालियां सजाकर श्रीराम की आरती उतारकर मंगल गीत गाए गए थे। श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ तो उन्होंने राम राज्य की स्थापना की जो शांति, समृद्धि का प्रतीक बना।
कथा के बाद आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में पवन सहगल, ललित बत्रा, मनोज, अश्विनी शर्मा, अशोक, अनूप धवन, महेश पांडे, विजय, रामनिवास, राजन मनचंदा मौजूद रहे।