सोनीपत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से लगाए गए जागरूकता शिविर में उपस्थित ग्रामीण और प्
सोनीपत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सुरक्षित इंटरनेट, बाल विवाह मुक्त भारत और मानव तस्करी या व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। गांव कामी और कतलूपुर में लगे शिविरों का उद्देश्य लोगों को कानूनी रूप से सजग बनाना रहा।
पैनल अधिवक्ता गौरव अंतिल और उदित ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन गोपनीयता, साइबर अपराधों, फेक प्रोफाइल, साइबर बुलिंग व डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में जानकारी दी।
पैनल अधिवक्ताओं ने सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि इंटरनेट पर की गई छोटी सी लापरवाही भविष्य में गंभीर कानूनी और सामाजिक समस्याओं का कारण बन सकती है। किसी भी फोटो, वीडियो, संदेश या व्यक्तिगत जानकारी को लेकर थिंक बिफोर यू शेयर की थ्योरी अपनानी चाहिए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाली गई सामग्री लंबे समय तक बनी रहती है और गलत उपयोग होने पर व्यक्ति को मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने बाल विवाह के बारे में कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है।