फोटो 35. सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल के प्रशिक्षण केंद्र में चिकित्सकों की बैठक लेते सिविल सर
सोनीपत। सिविल सर्जन डाॅ. जयकिशोर ने कहा कि शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए निमोनिया ग्रसित बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजा जाएगा। निमोनिया नहीं तो बचपन सही का नारा देकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जाएगा। 28 फरवरी तक यह अभियान चलाया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने जिला नागरिक अस्पताल के प्रशिक्षण केंद्र में चिकित्सकों की मासिक बैठक ली। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 12 नवंबर से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में होने वाले निमोनिया को रोकने के लिए सोशल अवेयरनेस एंड एक्शन टू न्यूट्रीलाइज निमोनिया सक्सेजफुली (सांस) अभियान की शुरुआत हो चुकी है। बच्चों के बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। निमोनिया से पीड़ित बच्चों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी। इसके बाद संदिग्ध मिलने पर बच्चों को अस्पताल भेजकर उनका उपचार कराने में मदद कर सकेंगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा जिले में नवंबर के तीसरे सप्ताह शुरू होगी। इसके आयोजन के लिए बेहतरीन तालमेल व एकजुटता के साथ प्रयास करने की आवश्यकता है। यात्रा में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। जिससे पात्र लोगों को यात्रा के दौरान स्वास्थ्य योजनाओं का विशेष रूप से लाभ दिया जा सके। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अनीता सहारण, डॉ. योगेश गोयल, डॉ. सीताराम, डॉ. नीरज यादव, डॉ. स्वराज चौधरी भी मौजूद रहे।
फोटो 35. सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल के प्रशिक्षण केंद्र में चिकित्सकों की बैठक लेते सिविल सर