फाेटो 21: सोनीपत के उपमंडल नागरिक अस्पताल में एसएमओ डाॅ. जितेंद्र रंगा को ज्ञापन सौंपती आशा वर्
खरखौदा। उपमंडल नागरिक अस्पताल में बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं ने बैठक कर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑनलाइन कार्य का दबाव बनाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने ऑनलाइन काम नहीं करने का निर्णय लेते हुए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. जितेंद्र रंगा को ज्ञापन सौंपा।
प्रधान रेखा ने बताया कि आशा वर्कर्स इंसेंटिव आधारित कार्य करती हैं। ऑनलाइन काम तकनीकी प्रक्रिया है जिसे बिना अतिरिक्त संसाधन व प्रशिक्षण के थोपा जा रहा है। इससे जमीनी स्तर पर होने वाली स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में सिविल सर्जन कार्यालय पर एक माह तक धरना देने के बाद ही नौ माह का मानदेय जारी किया था। वर्तमान में आशा कार्यकर्ता का राज्य व एनएचएम दोनों का तीन माह का मानदेय बकाया है। इसके अलावा वर्ष 2023 की 73 दिन की हड़ताल का मानदेय अभी तक नहीं दिया है।
केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल 2025 से लागू की गई 1500 रुपये की इंसेंटिव बढ़ोतरी भी अब तक नहीं मिली है। उन्होंने मांग की कि मानदेय हर महीने समय पर खातों में डाला जाए। साथ ही 12 फरवरी 2026 को देशभर में प्रस्तावित राष्ट्रीय हड़ताल में शामिल होने बात कही।