संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। नई अनाज मंडी में गेहूं की आवक 45 हजार क्विंटल के पार पहुंच गई है लेकिन नमी और तकनीकी कारणों के चलते खरीद नहीं शुरू हुई है। इससे किसानों, आढ़तियों और मजदूरों को परेशानी हो रही है। वीरवार को विधायक ने मंडी का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
विधायक ने मंडी के एंट्री गेट पास, बायोमीट्रिक और अन्य प्रक्रियाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार गेहूं का एक-एक दाना खरीदेगी। उम्मीद है कि शुक्रवार सुबह से खरीद शुरू हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि एफसीआई की टीम की ओर से यूआरएस, सिकुड़ा हुआ और लस्टर लॉस जैसे मानकों की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। रिपोर्ट जल्द आने की संभावना है। मौसम को देखते हुए गेहूं को बोरों में भरवाया जा रहा है।
कुछ किसानों ने कहा कि उनके गेहूं में नमी बताई जा रही है जबकि बाहर चेक कराया तो नहीं थी। उनको इससे परेशानी हो रही है। आढ़तियों ने बताया कि बारदाना भी समय पर नहीं मिल रहा है। उनके किसान समालखा मंडी में ले जाकर गेहूं बेच रहे हैं। आढ़तियों ने जल्द समाधान की मांग की है।
इस दौरान सुरेश बत्रा, रोहताश चिरस्मी, नीरज त्यागी, अनिल कौशिक, कमल जैन, प्रवीन गोयल, विनोद जैन और कृष्ण गोयल मौजूद रहे।
डिजिटल कांटे से आढ़ती नाखुश
अनाज मंडी में गेहूं खरीद के दौरान डिजिटल कांटों से मापतौल को लेकर किसानों में खुशी है तो आढ़तियों में नाराजगी। वहीं, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन होगा। इसे लेकर आढ़तियों ने विधायक देवेंद्र कादियान से डिजिटल कांटों के बजाय पुराने कांटे से ही खरीद करने की मांग की। विधायक ने आढ़तियों को डिजिटल कांटे के संबंध में जागरूक किया।