सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल के शैक्षणिक स्टाफ को बुधवार को पूरा एरियर मिल गया। यूनिवर्सिटी में एक जनवरी, 2016 से सातवां वेतन आयोग लागू किया गया था, लेकिन उसका लाभ जनवरी, 2019 से मिलना शुरू हुआ है। इसका ही एरियर टीचिंग स्टाफ को मिलना था, जिसमें से आधा पहले मिल चुका था और अब बाकी एरियर सभी के खातों में भेज दिया गया। इस तरह असिस्टेंट, एसोसिएट और प्रोफेसरों को 1.5 से 3.5 लाख तक का एरियर मिला है।
प्रदेश सरकार के सातवां वेतन आयोग लागू करने के बाद भी विश्वविद्यालयों में यह लागू नहीं हो सका था। इस तरह ही दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में भी यह लागू नहीं किया जा सका था। इसको लेकर नोटिफिकेशन जनवरी, 2019 में जारी किया गया और उसके बाद से सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलना शुरू हो गया। सातवें वेतन आयोग का लाभ भले ही जनवरी, 2019 से मिला हो, लेकिन उसे जनवरी 16 से मान्य किया गया। इस तरह शैक्षणिक स्टाफ का जनवरी, 2016 से दिसंबर 2019 तक का तीन साल का एरियर बकाया हो गया था। इसके लगभग दस करोड़ होते थे, जिसकी मांग सरकार से की गई थी। सरकार से इस एरियर को देने की मंजूरी तीन महीने पहले मिली थी और उसके कुछ समय बाद ही यूनिवर्सिटी के पास राशि पहुंच गई थी, जिसमें से आधा एरियर पहले ही जारी कर दिया गया था। क्योंकि प्रोफेसर को लगभग 7 लाख, एसोसिएट प्रोफेसर को लगभग 5 लाख, असिस्टेंट प्रोफेसर को लगभग 3.5 लाख रुपये का एरियर मिलना था और इसमें से केवल आधा एरियर पहले दिया गया था। अब कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत ने अकाउंट विभाग को बुधवार तक बाकी एरियर की राशि सभी के खातों में भेजने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद बुधवार को शैक्षणिक स्टाफ के लगभग 170 लोगों के खाते में एरियर के 1.5 लाख से 3.5 लाख रुपये तक की राशि पहुंच गई।
राशि खातों में पहुंच गई है
एरियर की आधी राशि पहले मिल चुकी थी, जबकि बाकी राशि बुधवार को सभी के खातों में पहुंच गई है। इस तरह कुलपति ने शासन से एरियर की राशि मिलते ही खातों में भिजवा दी।
- डॉ. दिनेश सिंह, प्रधान डिक्रूटा