पांच जून से शुरू हो रहे जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जाट और खाप नेता एक राय नहीं हैं। आलम यह है कि बुधवार को डीसी और डीआईजी के सामने ही खाप व जाट नेता मीटिंग की तिथि के सवाल पर आपस में भिड़ गए। 10 मिनट तक दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। यहां तक कि डीसी केएम पांडुरंग को हस्तक्षेप करके दोनों पक्षों को शांत करना पड़ा।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी माह में भड़की हिंसा में रोहतक व झज्जर के बाद सोनीपत में सबसे ज्यादा आगजनी व हिंसा हुई थी। आठ लोग जहां आंदोलन में मारे गए, वहीं करोड़ों रुपये की संपत्ति उपद्रव की भेंट चढ़ गई थी। सरकार ने जाट समाज को आरक्षण दे दिया, लेकिन हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी।
इसके चलते यशपाल मलिक गुट की ओर से पांच जून से फिर से जाट आंदोलन शुरू करने का अल्टीमेटम दिया गया है। एक दिन पहले सार्वजनिक हुई प्रकाश आयोग की रिपोर्ट में तत्कालीन डीसी, एसपी, एसडीएम से लेकर डीएसपी और दूसरे अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया गया है। इस बार मौजूदा जिला प्रशासन किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता है। यही कारण है कि बुधवार को दोबारा डीसी और डीआईजी ने जाट व खाप नेताओं की एक साथ मीटिंग बुलाई, जिसमें पांच जून से शुरू होने वाले संभावित आंदोलन को देकर खाप व जाट नेता एकमत नजर नहीं आए।
न्यायपालिका के फैसले का इंतजार करेंगी खाप
डीसी और डीआईजी की मौजूदगी में लघुसचिवालय में दोपहर 12 बजे खाप व जाट नेताओं की मीटिंग शुरू हुई। सोनीपत 360 खाप के प्रधान राजेंद्र खत्री ने कहा कि सरकार एक बार आंदोलन दे चुकी है। अब मामला न्यायपालिका में है। अदालत पर हमें भरोसा करना चाहिए। फिर से ऐसा माहौल पैदा नहीं करना चाहिए कि निर्दोष बच्चे हिंसा की भेंट चढ़ जाए। पांची जाटान के एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया। आज उसका परिवार एक बुजुर्ग के भरोसे है। नेता कितना परिवार को संभाल पा रहे हैं। खाप पंचायतों की सिसाना गांव में मीटिंग हो चुकी है। सोनीपत की खाप 360 के अंतर्गत आती है। वे कहना चाहते हैं कि पांच जून से आंदोलन का आह्वान केवल यशपाल मलिक गुट ने किया है। खाप पंचायत इसमें भाग नहीं लेंगी। वे न्यायपालिका के फैसले का इंतजार करेंगी। तक तब बिना आरक्षण भी आगे बढ़ सकते हैं। सोनीपत के एक दर्जन युवक आईएएस बिना आरक्षण ही बने हैं।
हम भी समाज के लिए मांग रहे आरक्षण, व्यक्ति विशेष के लिए नहीं
मीटिंग में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राजेश दहिया और यशपाल मलिक गुट के दूसरे सदस्यों ने राजेंद्र खत्री की बातों का विरोध किया। कहा कि, संघर्ष समिति अपने या व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि जाट समाज के लिए हक की लड़ाई लड़ रही है। सामूहिक मीटिंग में खत्री को ऐसी बात नहीं करनी चाहिए थी। जाट समाज के लोग पांच जून को लघु सचिवालय के सामने शांतिपूर्वक धरना देंगे। इससे दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई। डीसी केएम पांडुरंग ने खड़े होकर मामले को शांत कराया।
बाप अपने बेटे की जिम्मेदारी नहीं ले रहा, आप पांच लाख की जिम्मेदारी ले रहे हो
मीटिंग में डीसी और डीआईजी ने जाट नेताओं से पूछा कि धरने में पांच जून को कितने लोग आएंगे। इस पर गोहाना से आए एक जाट नेता ने कहा कि साहब, आप अनुमति दो, पांच लाख धरने पर आ सकते हैं। कोई भी कानून हाथ में नहीं लेगा। हम उनकी जिम्मेदारी लेते हैं। इस पर डीआईजी हरदीप दून ने कहा कि आज के समय में बाप अपने बेटे की जिम्मेदारी नहीं लेता, आप पांच लाख लोगों की ले रहे हो। अगर इस बार भी कुछ होता है तो जिम्मेवार कौन होगा।
जेल में बंद को बरी और मरने वालों को मिले मुआवजा और नौकरी
मीटिंग के दौरान रनबीर मलिक ने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान मरने वालों के परिजनों को मुआवजा राशि और एक नौकरी देने की बात कही गई थी। वहीं निर्दोषों को जल्द बरी करने की भी मांग सरकार ने पूरी नहीं की। इस पर डीसी और डीआईजी ने जल्द ही समाधान करने की बात कही है। वहीं जाट नेताओं ने युवाओं को इस आंदोलन से दूर रखने की भी अपील की है।
कमासपुर और लड़सौली में भी सुरक्षा बल तैनात
पहले हुए आंदोलन से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने पानी, रोड और रेलवे ट्रैक पर विशेष फोकस करते हुए सभी स्थानों पर फोर्स तैनात कर दी है। मुनक नहर और गोहाना मेें एक-एक कंपनी लगाई गई है, वहीं कमासपुर व लड़सौली में भी जीटी रोड पर सुरक्षा बल लगा दिए गए हैं। डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि अर्द्धसैनिक बलों की पांच कंपनी आ चुकी हैं। पांच की और मंजूरी मिली है। हालांकि जिले में संभावित हालात से निपटने के लिए 40 कंपनियों की गृह मंत्रालय से डिमांड की गई है।
जिसका बच्चा मरता है, उसके परिवार से पूछकर देखो : डीआईजी
डीआईजी हरदीप दून ने कहा कि सोनीपत जिला पहले हुए आरक्षण में बहुत ही बदनाम हो चुका है ऐसे में अगर दोबारा कुछ होता है तो बदनामी के साथ भाईचारा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आंदोलन को शांतिपूर्ण आगे बढ़ाने के साथ-साथ जाट नेताओं को चौकन्ना रहना होगा। ताकि आंदोलन की आड़ में कोई माहौल खराब न करें। क्योंकि जिस परिवार का बच्चा हिंसा की भेंट चढ़ता है, उस परिवार से पूछकर देखो क्या दशा होती है।
ये रहे मीटिंग में
डीसी व डीआईजी के साथ मीटिंग आंतिल खाप के प्रधान हवा सिंह आंतिल, सिसाना गांव के पूर्व सरपंच कृष्ण दहिया, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान राजेश दहिया, मूलचंद दहिया, सुरेंद्र छिक्कारा, राजेंद्र खत्री प्रधान 360 खत्री, अशोक मदीना, सत्यवान नरवाल खाप सहित सभी खापों के प्रतिनिधि, नगराधीश सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।और बीच-बचाव करवाते डीसी केएम पांडुरंग।