सोनीपत जिले के मुंडलाना गांव के खेतों में बिजली लाइन का फाल्ट ठीक करने गए अप्रेंटिस कर्मी सौरभ (19) और किसान जोगेंद्र (38) की करंट लगने से मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने बिजली कर्मियों और अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। जोगेंद्र के पिता बलवान सिंह ने लाइनमैन मोहित, जेई और एसडीओ के खिलाफ सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। निगम प्रशासन ने लाइनमैन और पावर हाउस ऑपरेटर को निलंबित कर दिया है।
सौरभ ने मदद के लिए जोगेंद्र को बुला लिया। जोगेंद्र और सौरभ दोनों लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इस दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई। इस कारण दोनों को करंट का झटका लगा। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए।
लोगों का कहना है कि मुंडलाना गांव के खेतों में बिजली सप्लाई देने का शेड्यूल करीब 11 बजे का होता है। अप्रेंटिसकर्मी सौरभ व किसान जोगेंद्र फाल्ट की मरम्मत सुबह करीब 9:30 बजे कर रहे थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि तय शेड्यूल से पहले बिजली सप्लाई कैसे चालू हुई। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हालांकि निगम अधिकारी बैक फीडिंग का तर्क दे रहे हैं। निगम अधिकारियों ने तय शेड्यूल से पहले बिजली सप्लाई चालू होने की जांच भी शुरू कर दी है।
निगम एक्सईएन राजसिंह सिंहमार ने बताया कि लाइनमैन मोहित और 33 केवी सब स्टेशन महमूदपुर ऑपरेटर रामफल को सस्पेंड कर दिया गया है। अप्रेंटिसकर्मी को फाल्ट ठीक करने के लिए नहीं भेजा जा सकता है। केवल लाइनमैन के कहने पर फीडर को बंद या चालू नहीं किया जा सकता है। हादसे की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।विधायक ने की पीड़ित परिवारों को मुआवजा और नौकरी देने की मांग की
क्षेत्र में त्योहार के दिन दो युवाओं की मौत के बाद कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल व पूर्व विधायक जगबीर मलिक नागरिक अस्पताल में परिजनों के पास पहुंचे। उन्होंने निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की। उन्होंने सरकार से आश्रित परिवार को नौकरी और मुआवजा देने की मांग की।