जिला नागरिक अस्पताल में इंजेक्शन रूम के बाहर रेबीज के इंजेक्शन खत्म होने का चस्पाया गया नोटिस। स?
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जिला अस्पताल में एक महीने से एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही थी। अस्पताल में मंगलवार शाम 300 एंटी रेबीज वैक्सीन पहुंच गई हैं। बुधवार से वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएंगी। अभी तक एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने के कारण शहर समेत आसपास के गांवों से आने वाले मरीजों को अस्पताल से लौटना पड़ रहा था और दिल्ली के नरेला व निजी अस्पतालों में जाकर मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी पड़ रही थी।
जिला नागरिक अस्पताल में हर महीने 500 से 600 मरीजों को एंटी वैक्सीन लगाई जाती है। नागरिक अस्पताल में एक डोज 100 रुपये में लगाई जाती है, जबकि निजी अस्पतालों में एक डोज के 300 से 350 रुपये तक लिए जाते हैं। वहीं, बीपीएल कार्ड धारक को यह वैक्सीन मुफ्त में लगती है। एक माह से एंटी वैक्सीन नहीं होने से मरीजों को परेशानी हो रही थी। स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। जिला अस्पताल में वैक्सीन खत्म होने से मरीजों को निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा था।
रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेबीज एक विषाणु जनित रोग है। इसके कारण इंसेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क में सूजन हो सकती है। इसके बाद बुखार के साथ काटने के स्थान पर झुनझुनी जैसे प्रारंभिक लक्षण दिखते हैं। रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है, क्योंकि एक बार रेबीज होने के बाद मौत सुनिश्चित हो जाती है। कुत्ता, बंदर, बिल्ली, लोमड़ी, चूहा, चमगादड़ के काटने पर रेबीज होता है, इसलिए कोई भी जानवर काटे तो तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
वर्जन
अस्पताल में एक माह से एंटी रेबीज वैक्सीन की किल्लत थी। स्टॉक खत्म होने से पहले ही वैक्सीन की डिमांड भेजी जा चुकी थी। रोहतक स्थित वेयर हाउस से मंगलवार शाम 300 एंटी रेबीज वैक्सीन पहुंची हैं। बुधवार से वैक्सीन लगानी शुरू कर दी जाएंगी।
- डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ जिला नागरिक अस्पताल