संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल ने 46वीं कार्यकारी परिषद में गठित समिति की बैठक हुई। इसका उद्देश्य कंपनी के नियमों और विनियमों को तैयार करना और डीसीआरयूएसटी, मुरथल में इनक्यूबेशन सेंटर के लिए धन जुटाने के लिए एक और कंपनी की स्थापना करना था।
बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली के संयुक्त सीईओ डॉ. अभिषेक टंडन, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार और दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर के निदेशक डॉ. गिरीश कुमार उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन के इंचार्ज डॉ. दिनेश सिंह, सदस्य प्रो. प्रदीप शर्मा व डॉ. कृष्ण कुमार भी उपस्थित रहे।।
कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने विकसित भारत 2047 के प्रमुख उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए स्टार्टअप और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए धारा 8 के तहत कंपनी की स्थापना के महत्व पर चर्चा की।
डॉ. अभिषेक टंडन व अन्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से डीसीआरयूएसटी, मुरथल में स्थापित की जाने वाली धारा 8 कंपनी के लिए मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (एओए) पर जोर दिया।
समझौता ज्ञापन और अनुबंध के उद्देश्य संस्था के दृष्टिकोण और मिशन के अनुरूप प्रस्तावित किए गए हैं और राष्ट्र के युवाओं की आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा की सेक्शन 8 कंपनी की स्थापना से उभरते छात्रों में उद्यमिता का माहौल बनेगा। इससे वह नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनेंगे। इनक्यूबेशन सेंटर सेक्शन 8 कंपनी के तहत प्राप्त धनराशि से स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
इससे विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। शोधार्थियों और छात्रों के नवीन विचारों को उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकेगा। इससे मेक इन इंडिया अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।