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Sonipat News: निगम चुनाव के बाद भाजपा-कांग्रेस में भितरघात के आरोप

Thu, 14 May 2026 09:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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टिकट बंटवारे, बागियों और जातीय समीकरणों पर उठे सवाल
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आरोपों को लेकर तेज हुई अंदरूनी खींचतान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नगर निगम चुनाव संपन्न होते ही अब भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में भितरघात को लेकर सियासी आरोपों का दौर शुरू हो गया है। चुनाव परिणाम आने के बाद हार-जीत की समीक्षा शुरू हुई तो कई वार्डों में टिकट वितरण, बागी उम्मीदवारों और जातीय समीकरणों को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा।
वार्ड-16 के चुनाव परिणाम को लेकर खूब चर्चा हो रही है। वार्ड से भाजपा प्रत्याशी नवीन मंगला ने अपनी हार के लिए सीधे तौर पर पार्टी के भितरघात को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पार्टी संगठन को भेजी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि टिकट के दावेदार रहे कुछ नेताओं ने अंदर खाते उनके खिलाफ काम किया और वोट कटवाने की रणनीति अपनाई।
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भाजपा प्रत्याशी नवीन मंगला ने आरोप लगाया कि टिकट की दौड़ में शामिल रहे पूर्व पार्षद ने वार्ड में पार्टी के खिलाफ माहौल बनाया। इसके साथ ही मेयर पद की टिकट मांग चुके नेता और उनके परिवार पर भी मतदान में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
मंगला का दावा है कि संबंधित परिवार के 50 से अधिक वोट होने के बावजूद मतदान नहीं हुआ जिसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। विदित रहे कि वार्ड-16 में भाजपा प्रत्याशी नवीन मंगला को महज 30 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि वह इसकी पूरी रिपोर्ट जिला संगठन और वरिष्ठ नेताओं को सौंपने जा रहे हैं।

पांच वार्डों में टिकट चयन पर उठे सवाल
नगर निगम के 22 वार्डों में भाजपा को पांच वार्डों 10, 16, 19, 21 और 22 में हार का सामना करना पड़ा। पार्टी की आंतरिक समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कुछ वार्डों में टिकट वितरण स्थानीय सामाजिक और जातीय समीकरणों के अनुरूप नहीं हो पाया। विशेष रूप से जाट बाहुल्य क्षेत्रों में अलग जाति के प्रत्याशी उतारने का निर्णय पार्टी को भारी पड़ गया।

कांग्रेस में भी बागियों ने बिगाड़ा समीकरण
कांग्रेस की स्थिति भी भितरघात और असंतोष से अछूती नहीं रही। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़कर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ दिया। इन बागी उम्मीदवारों ने कई वार्डों में मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया जिससे कांग्रेस को सीधा नुकसान उठाना पड़ा। सबसे अहम बात यह रही कि कांग्रेस अब तक अपने बागी नेताओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। इससे संगठन के भीतर असंतोष और बढ़ गया है। कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि समय रहते अनुशासनात्मक कदम उठाए जाते तो पार्टी कुछ और सीटों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।

शिकायत आते ही समीक्षा के बाद होगा निर्णय : भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज ने कहा कि संगठन के पास अभी कोई शिकायत नहीं पहुंची हैं। अगर कोई शिकायत आएगी तो गंभीरता से समीक्षा की जाएगी। किसी नेता या कार्यकर्ता की भूमिका पार्टी विरोधी पाई गई तो संगठनात्मक स्तर पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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कांग्रेस भी करेगी चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि निकाय चुनावों में कई स्थानों पर बागी उम्मीदवार मैदान में रहे, जिसका असर परिणामों पर पड़ा है। पार्टी संगठन पूरे चुनाव की समीक्षा करेगा और वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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