सोनीपत। आईटीआई करने वाले युवाओं को अब फैक्टरियों में काम करने का अवसर आसानी से मिल सकेगा। क्योंकि अब सभी कंपनियों को अप्रेंटिस पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। उद्यमियों को अपनी कपंनी पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाने के साथ ही कार्यरत कर्मचारियों की संख्या भी दर्ज करनी होगी। इस योजना के शुरू होने के बाद जहां युवा पोर्टल पर रिक्त सीटें देखकर आवेदन कर सकेंगे, वहीं उद्यमियों को जरूरत के अनुसार युवा आसानी से मिल सकेंगे।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने आईटीआई करने वाले युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसके लिए जिला स्तर पर वर्ष 2018 में एक कमेटी का गठन किया गया था। अब तक यह कमेटी सामान्य तरीके से काम रही थी। इस वर्ष कमेटी का नाम बदलकर जिला शिक्षुता एवं आत्मनिर्भर कमेटी रख दिया है और इसे नई जिम्मेदारियां भी सौंप दी हैं। कमेटी की जिम्मेदारी होगी कि वह ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिलाने की राह आसान करे। इसके साथ ही समय-समय पर बैठक करके इसकी प्रगति रिपोर्ट भी लेनी होगी। (संवाद)
पोर्टल पर रिक्त सीटें देखकर आवेदन कर सकेंगे युवा
उद्यमियों को फैक्टरी को अप्रेंटिस पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाने के साथ ही कुल कर्मचारियों की संख्या भी अपलोड करनी होगी। सरकार की हिदायतों के अनुसार सभी उद्योगों में कुल स्टाफ का 3 प्रतिशत से 15 प्रतिशत कर्मचारी अप्रेंटिस व प्लेसमेंट के माध्यम से लगाने होंगे। उद्योगों में कर्मचारियों की डिमांड भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि युवा पोर्टल पर रिक्त सीटें देखकर रोजगार के लिए आवेदन कर सके। इससे जहां युवाओं की रोजगार की राह आसान होगी, वहीं इससे उद्योगपतियों को भी फायदा होगा।
यह होगा फायदा
अप्रेंटिस लगने पर युवा एक साल तक प्रशिक्षण लेगा तो माहौल में ढल जाएगा। काम में पारंगत होने पर कंपनी उसे नियमित भी कर सकती है। ऐसा न होने पर युवा अपने अनुभव के आधार पर दूसरी कंपनी में आवेदन कर सकता है।
- अप्रेंटिस पर लगे युवाओं को कंपनी द्वारा वेतन के रूप में 8050 रुपये देने होते हैं। इसमें से भी सरकार द्वारा कंपनी को प्रति युवा 1500 रुपये वापस कर दिए जाते हैं, इसके लिए कंपनी को आईटीआई में प्रति तिमाही पर क्लेम करना होगा।
- कंपनी अप्रेंटिसशिप पर जो खर्च करेगी, वह सीएसआर में कवर हो जाएगा। इसके साथ ही कंपनी को काम करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी मिल जाएंगे।
- कंपनियों की सबसे बड़ी दुविधा ईएसआई और पीएफ लागू करने की होती है, लेकिन अप्रेंटिस पर लगे युवाओं के लिए ईएसआई, पीएफ व लेबर लॉ लागू नहीं होता।
- अप्रेंटिस पर लगाए गए युवाओं को नियमित कर्मचारी के मुकाबले बेहद कम वेतन देना होगा।
कंपनी अपनी मर्जी से कर सकेगी युवाओं का चयन
कंपनी में अप्रेंटिस कराने के लिए पहले आईटीआई अधिकारी बताते थे कि किस ट्रेड के युवा लगाने हैं, लेकिन नए नियम के अनुसार यह निर्णय भी कंपनी पर ही छोड़ दिया है कि उन्हें किस ट्रेड के युवा चाहिए। कंपनियां अपनी मर्जी से किसी भी ट्रेड के युवाओं को अप्रेंटिस के लिए ले जा सकती है।
वर्जन
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा तैयार योजना में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए उद्योगों को भी पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवा पोर्टल पर कंपनियों में रिक्त सीटें देखकर आवेदन कर सके। इससे जहां युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे, वहीं कंपनियों को भी इससे फायदा पहुंचेगा।
-संजय श्योराण, अप्रेंटिस एंड प्लेसमेंट अधिकारी, आईटीआई, सोनीपत