शराब की गिनती के लिए गोदाम पर पहुंचे पुलिस कर्मी।
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सोनीपत। खरखौदा गोदाम में रखी तस्करी की पकड़ी गई शराब चोरी करने के मामले में आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर, तस्कर भूपेंद्र के भाई जितेंद्र समेत अन्य की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश डाली। उसके बाद भी इनको पुलिस नहीं पकड़ सकी है, जबकि इनमें सबसे अहम जसबीर के पकड़े जाने पर काफी राज बाहर आ सकते है। वहीं भूपेंद्र की जमानत के लिए कोर्ट से 27 मई की तारीख मिली है और उस दिन जमानत को लेकर सुनवाई होगी।
शराब तस्करी के मामले में आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर, तस्कर भूपेंद्र के भाई जितेंद्र, एएसआई जयपाल और नरेंद्र की गिरफ्तारी होनी है। जिनकी तलाश करने के लिए पुलिस लगातार दौड़ रही है और पुलिस ने कई जगह दबिश डाली। लेकिन उसके बावजूद इनमें से कोई भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। इन सभी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी है, जबकि इनकी गिरफ्तारी होने से पुलिस को जांच में काफी अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस टीम को जिस जगह भी इनमें से किसी के छुपे होने का शक होता है, उसी जगह पर टीम दबिश डालने पहुंच जाती है। पुलिस का दावा है कि इनको जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा। वहीं भूपेंद्र को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था। जिसकी जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी और जमानत पर सुनवाई के 21 मई की तारीख लगी थी। लेकिन अब सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख लगा दी गई है। डीएसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी है और हर जगह दबिश डाली जा रही है।
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वक्फ बोर्ड की जमीन पर शराब का गोदाम बनाने की रिपोर्ट भेजी
भूपेंद्र ने वक्फ बोर्ड की जमीन को अपनी मां कमलादेवी के नाम पर 33 साल के लिए लीज पर लिया हुआ है। उसके बाद अपनी मां से इसको किराए पर लिया। डीएसपी के अनुसार वक्फ बोर्ड की जमीन पर नशे का कारोबार नहीं किया जा सकता है। भूपेंद्र ने अपनी मां कमला देवी के नाम वक्फ से जमीन लीज पर लेकर इस पर गोदाम बनवाया और शराब का धंधा शुरू कर दिया। पुलिस ने गोदाम को वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनाने की रिपोर्ट बनाकर प्रशासन व वक्फ बोर्ड को भेज दिया है।