गन्नौर। काफी समय से अधर में लटका अगवानपुर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। रेलवे फाटक पर बनाए जा रहे आरओबी का काम पूरा नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
अगस्त 2023 में शुरू किया गया कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है, जबकि इसे मई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। ऐसे में बंद पड़े फाटक की वजह से राहगीरों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। उत्तर रेलवे व हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (एचएसआरडीसी) की ओर से अगवानपुर फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण करवाया जा रहा है।
रेलवे की सीमा से बाहर एचएसआरडीसी की ओर से 18.36 करोड़ रुपये से दोनों ओर 90 फीसदी ओवरब्रिज का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि रेलवे की ओर से रेलवे लाइन पर किया जाने वाला फ्लाईओवर का कार्य फरवरी से अधर में लटका है।
उत्तर रेलवे की ओर से सोल कंपनी को 11 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है। रेलवे की सीमा में पिलर निर्माण का कार्य मार्च में पूरा कर लिया गया था, लेकिन इसके बाद से ठेकेदार ने काम को अधर में छोड़ दिया है। वहीं रेलवे की सीमा से बाहर एचएसआरडीसी ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करेगी। निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की चौड़ाई 27 फुट रखी गई है, जबकि दोनों तरफ ओवरब्रिज के नीचे 16-16 फुट चौड़े सर्विस रोड बनाए गए हैं।
बीएसटी ओवरब्रिज बन रहा सहारा
आरओबी का निर्माण धीमी गति से होने की वजह से परियोजना एक माह ज्यादा बीत जाने के बावजूद अधूरी पड़ी है। ऐसे में फाटक बंद होने के कारण लोगों को बीएसटी ओवरब्रिज से होकर गुजरना पड़ रहा है। यहां ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ गया है कि दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासतौर पर स्कूली बच्चों, एंबुलेंस व बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि रेलवे की लापरवाही का खामियाजा उन्हें झेलना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि रेलवे फाटक को जल्द खोला जाए। ओवरब्रिज का कार्य प्राथमिकता से पूरा करवाया जाए। अगर जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
एचएसआरडीसी ने अगवानपुर फाटक पर रेलवे सीमा के दोनों ओर ओवरब्रिज का 90 फीसदी कार्य को पूरा कर लिया है। फिलहाल रेलवे ट्रैक पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शेष है। रेलवे की ओर से पिलर का निर्माण करवा लिया गया है। जल्द ही रेलवे ट्रैक के ऊपर गॉर्डर लगाकर ओवरब्रिज निर्माण को दो माह तक पूरा करवाया जा सकेगा। इसके बाद यह ओवरब्रिज लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा। -रविंद्र कादियान, एसडीओ, एचएसआरडीसी, सोनीपत।