गोहाना। कृषि विभाग की तरफ से खेतों में पराली जलाने की वजह से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए टीमों का गठन किया गया है। खंड स्तर पर टीम गठित कर धरातल पर उतार दी गई हैं। यह टीमें किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक कर रही हैं। किसानों को बताया गया कि अवशेष जलाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
एसडीओ राजेंद्र प्रसाद मेहरा ने बताया कि खंड स्तर पर नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। साथ ही पराली व फसल अवशेष जलाए जाने की घटना मिलने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिए गए हैं। धान की कटाई से लेकर रबी में गेहूं की बुआई तक निगरानी कर प्रत्येक कार्य दिवस की सूचना निर्धारित प्रारूप पर देना होगा। साथ ही किसानों को इसके दुष्परिणामों की जानकारी भी दी जा रही है।
सेटेलाइट से रखी जा रही निगरानी
कृषि विभाग फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी रख रहा है। यदि कोई किसान खेतों में फसल अवशेष जलाते हुए मिलता है तो टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। जिसके बाद किसान पर जुर्माना किया जाएगा। किसान को जुर्माने की राशि का भुगतान नकद करना होगा। जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने पर किसान पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।