सोनीपत। ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के साथ ही जिला शिक्षा विभाग ने जिला के निरक्षरों को खोजने के लिए 450 सर्वेक्षकों को फील्ड में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की उल्लास योजना के तहत विभाग ने वर्ष 2027 तक जिले के 44,540 निरक्षरों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इनको शिक्षा का ज्ञान देकर उन्हें पढ़ने-लिखने, हस्ताक्षर करने में निपुण बनाना है।
वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र में सोनीपत के 25,000 निरक्षरों को शिक्षित करने की योजना है। हालांकि विभाग ने 1000 निरक्षरों का ऑफलाइन पंजीकरण कर लिया है, जिसे ऑनलाइन किया जा रहा है। अगला पड़ाव शुरू करने के लिए 450 सर्वेक्षकों को फील्ड में उतारा है। प्रत्येक गांव में निरक्षरों की खोज के लिए एक सर्वेक्षक की नियुक्ति की है, ताकि वर्ष 2027 तक सरकार की योजना के तहत प्रदेश को पूरी तरह से साक्षर किया जा सके।
इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। पंजीकरण करवाने वाले निरक्षरों को विभाग के स्वयंसेवक उनके घर या गांव में बने उल्लास चेतना केंद्र में छह माह में 200 घंटे पढ़ाकर शिक्षा देंगे। इन्हें कक्षा पहली व दूसरी का पाठ्यक्रम पढ़ाकर शिक्षित बनाया जाएगा। इसके बाद इच्छुक लोग कक्षा तीसरी के लिए परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
वर्ष 2024 में 21,778 ने कराया था पंजीकरण
अधिकारियों ने बताया कि सोनीपत में वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में 21,778 निरक्षरों का पंजीकरण किया गया था। इनमें से 12,300 निरक्षरों की सितंबर 2024 और 6500 की मार्च 2025 में परीक्षा ली जा गई थी। शेष 2978 निरक्षरों को परीक्षा दिलवाने की श्रेणी में शामिल किया गया है। हालांकि शिक्षा विभाग अब तक नेशनल ओपन स्कूल के सहयोग से जिले के 18,800 निरक्षरों की परीक्षा दिलवा चुका है।
सितंबर 2025 व मार्च 2026 में होगी परीक्षा, पत्र जारी
उल्लास योजना के तहत प्रदेश में कुल 9 लाख व जिले में 44,540 निरक्षरों को वर्ष 2027 तक शिक्षित किया जाना है। शिक्षित होने वाले निरक्षरों के लिए परीक्षा का भी प्रावधान रखा गया है। नेशनल ओपन स्कूल की ओर से सितंबर 2025 व मार्च 2026 में शिक्षा पाने वाले निरक्षकों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेश की बात करें तो रोहतक में 31,469, सोनीपत में 44,540, हिसार 70,663, रेवाड़ी 25,515, सिरसा 60,444, पानीपत 40,936, अंबाला 31,172, भिवानी 44,384, दादरी 16,653 में निरक्षर हैं। फरीदाबाद 45,496, फतेहाबाद 45,027, गुरुग्राम 32,769, झज्जर 27,869, जींद 57,604, कैथल 50,067, करनाल 55,431, कुरुक्षेत्र 34,390, महेंद्रगढ़ 31,302, नूंह 56,757, पलवल 43,102, पंचकूला 14,513, यमुनानगर 39,897 सहित कुल 9 लाख निरक्षर हैं।
केंद्र सरकार की उल्लास योजना के तहत जिला में निरक्षरों को खोजने के लिए सर्वेक्षक जल्द फील्ड में उतरेंगे। 1000 लोगों के किए गए ऑफलाइन पंजीकरण को ऑनलाइन करने का काम शुरू कर दिया है। नेशनल ओपन स्कूल की ओर से सितंबर 2025 व मार्च 2026 में परीक्षा ली जाएगी। इसके लिए संबंधित शिक्षकों को पत्र जारी किए जा रहे हैं।
- राजेश दहिया, समन्वयक, उल्लास योजना, सोनीपत