सोनीपत में युवक के लाइव सुसाइड मामले में कार्रवाई कराने की मांग को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे युवक के परिजन।
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फेसबुक पर वीडियो लाइव कर फंदा लगा जान देने के मामले में आरोपी दिल्ली पुलिस कर्मियों की एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे परिजनों का रोष बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को एसपी से मिलने पहुंचे परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। उनका आरोप था कि पुलिस इस मामले को लेकर कतई गंभीर नहीं है। मामला एसआईटी को सौंपे जाने के बाद भी इसमें एक भी आरोपी काबू नहीं किया जा सका, जिससे साफ हो रहा है कि पुलिस वाले दिल्ली पुलिस के तीनों कर्मियों को बचाने में लगे हैं। मामले लेकर एसपी अश्विन शैणवी ने डीएसपी राहुल देव को मामले की जांच कराने का निर्देश देते हुए जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है।
ये है मामला
बता दें कि 15 अप्रैल की देर शाम देव नगर निवासी दीपक (28) ने अपने घर के अंदर पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने उसके घर की दीवार पर लिखे सुसाइड नोट को कैमरे में कैद किया था। साथ ही 60 पेज की डायरी भी बरामद की थी। पुलिस ने दीपक के पिता रमेश के बयान पर दिल्ली पुलिस की महिला हेडकांस्टेबल उषा, एसआई अरविंद व एएसआई सुरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया था।
एसपी ने डीएसपी को दिए निर्देश
परिजनों की तरफ से कार्रवाई की मांग को लेकर उठाए गए सवालों के बाद पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने डीएसपी राहुल देव को बुलाकर मामले की बारीकी से जांच के निर्देश दिए। उन्होंने डीएसपी से आरोपियों का जल्द पता लगाने के लिए हरसंभव पहल करने का निर्देश दिया।
मामले की जांच एसआइटी कर रही है। एसआईटी प्रभारी से मामले से जुड़े हर पहलू की प्रतिक्रिया ली जाएगी। आरोपियों के पुलिसकर्मी होने से कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उनकी गिरफ्तारी को लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वह जल्द काबू किए जाएंगे।
-राहुल देव, डीएसपी।