सोनीपत/खरखौदा/गन्नौर। बार एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को जिलेभर के अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड रखा। खरखौदा के एक अधिवक्ता पर गत वर्ष एक महिला की ओर से शिकायत देने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। बार एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला झूठा है। दीवानी मुकदमा दोनों पक्षों के बीच में चला हुआ है।
इस मामले में पुलिस बुधवार को खरखौदा के अधिवक्ता को गिरफ्तार करने पहुंची तो खरखौदा एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई का विरोध कर वर्क सस्पेंड कर दिया था। वीरवार को सोनीपत, गोहाना व गन्नौर के अधिवक्ता ने भी खरखौदा बार एसोसिएशन का साथ देते हुए वर्क सस्पेंड रखा।
खरखौदा बार के प्रधान सुरेश दहिया का आरोप है कि पुलिस ने बिना जांच किए ही अधिवक्ता व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि वह पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रख चुके हैं। अगर सोमवार तक मामले का समाधान नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं से वर्क सस्पेंड करने की मांग की जाएगी। वहीं गन्नौर बार एसोसिएशन के सदस्यों ने अध्यक्ष गौरव त्यागी की अध्यक्षता में बैठक की। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वर्क सस्पेंड के दौरान सोनीपत बार एसोसिएशन के प्रधान राजीव दहिया, सचिव वीरेंद्र दूहन, अधिवक्ता बालकिशन शर्मा, गन्नौर में अधिवक्ता ओपी त्यागी, नीरज त्यागी, रविंद्र रोहिल्ला, बसंत लाल, रोहित त्यागी, रामफूल त्यागी, युद्धवीर रापड़िया व रविंद्र शर्मा मौजूद रहे।