कुंडली बॉर्डर पर शहीद स्मारक पर लगाने के लिए पंजाब से मंगवाया गया चिह्न
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सोनीपत। प्रदेश में किसानों के लगातार भाजपा-जजपा नेताओं का विरोध करने पर संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन के दौरान जनता के बीच नहीं जाने की नसीहत दी है। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने साफ कहा कि अगर अब भी भाजपा-जजपा नेता जनता के बीच जाते रहे तो बवाल होने पर वह खुद जिम्मेदार होंगे। किसान नेताओं ने भाजपा-जजपा नेताओं का विरोध तेज करने के लिए कहा है। इसके लिए 6 अप्रैल को कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाई गई है।
भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने रोहतक में शनिवार को हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि उसमें कई किसानों को चोट लगी है। उसके बाद भी अधिकारी कह रहे हैं कि कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कुहाड़ रविवार को किसानों के साथ आंवली में हेलीपेड पर पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि भाजपा व जजपा नेताओं का आगे भी कोई कार्यक्रम होगा तो आंवली की तरह ही विरोध करके उनको रद्द कराया जाएगा।
कुंडली बॉर्डर पर शहीद स्मारक का निर्माण कार्य पुलिस ने रुकवाया
कृषि कानून रद्द करने की मांग के लिए चल रहे आंदोलन के दौरान 351 किसानों की मौत हो चुकी है। उनके लिए ही कुंडली बॉर्डर पर शहीद स्मारक का निर्माण शुरू किया गया था, जिसके लिए देशभर से मिट्टी मंगवाई गई थी। कुंडली बॉर्डर पर केएफसी के पास निर्माण शुरू किया गया, जिसके लिए शहीद स्मारक का चिह्न व शहीद होने वाले किसानों के नाम लिखे शिलापट्ट भी मंगवाए गए थे। पक्का निर्माण कराए जाने की सूचना पर कुंडली पुलिस पहुंची और उसका निर्माण कार्य रुकवा दिया। शहीद स्मारक का निर्माण कार्य रुकवाए जाने पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने आपस में बातचीत करके इस पर फैसला लेने की बात कही है और कुंडली बॉर्डर पर शहीद स्मारक जरूर बनाए जाने की बात कही गई है।
कुंडली बॉर्डर पर शहीद स्मारक के लिए अगर स्थायी निर्माण नहीं होगा तो कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इस बारे में किसान नेताओं को लिखित में देना होगा। - जश्नदीप रंधाना, एसपी, सोनीपत