सोनीपत। उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया का शुभ मुहुर्त है, जिसे अखा तीज भी कहते हैं। शुभ मुहुर्त पर बड़ी संख्या में शादियों का आयोजन होता है। साथ ही इसकी आड़ में कई लोग बाल विवाह कराने की कोशिश भी करते हैं।
बाल विवाह रोकने को प्रशासन पहले से ही अलर्ट हो गया है। उपायुक्त ने अक्षय तृतीया पर विवाह करवाने वाले पुजारी, पाठी, गांव के पंच, सरपंच, नंबरदार व शहरों में नगर पार्षदों एवं सामुदायिक केंद्र, सार्वजनिक भवन, बैंक्वेट हाल संचालकों समेत अन्य से बाल विवाह नहीं होने देने की अपील की है।
उनसे अपील की है कि विवाह समारोह के संबंध में पहले से दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच कर लें व आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें। क्षेत्र में बाल विवाह का पता लगते ही सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें। विवाह के लिए लडक़ी की आयु 18 वर्ष व लडक़े की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे पहले शादी करने पर 2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि बाल विवाह के बारे में तुरंत सूचना देनी चाहिए। इसके लिए पुलिस थाना, आंगनबाड़ी वर्कर, डब्ल्यूसीडीपीओ, बाल सरंक्षण अधिकारी, डीपीओ से संपर्क किया जा सकता है। संवाद