सोनीपत। गन्नौर क्षेत्र के सरकारी स्कूल में जर्जर आर्च गिरने से छात्र की मौत के बाद भी प्रशासन नहीं जागा है। बाघडू के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति देखकर विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 1983 में बना स्कूल का मुख्य गेट लंबे समय से मरम्मत के अभाव में जर्जर है। गेट का लेंटर बीच से दरक चुका है और उसका एक हिस्सा कमजोर होकर लटका हुआ है।
विद्यालय में करीब 400 विद्यार्थी पढ़ते हैं। आसपास के गांवों के बच्चे भी इसी गेट से होकर स्कूल आते-जाते हैं। वहीं डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय में छत का प्लास्टर गिरने और सरिए बाहर निकलने के बाद विद्यालय को बंद कर विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में भेजना पड़ा है।
विद्यालय भवन के कई हिस्सों में दीवारों और छत पर दरारें, सीलन और उखड़ा प्लास्टर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से भवन की समुचित मरम्मत नहीं हुई है। परिसर में जगह-जगह ऊंची घास और झाड़ियां भी उगी हैं। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। छात्राओं ने शौचालय तक जाने वाले रास्ते की खराब स्थिति की भी शिकायत की है।
प्राथमिक स्कूल बंद, ढाई किमी दूर भेजे बच्चे
डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की एक कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने और सरिए बाहर निकलने के बाद स्कूल बंद कर दिया गया है। विद्यार्थियों को करीब ढाई किलोमीटर दूर दूसरे प्राथमिक विद्यालय में भेजा जा रहा है। अभिभावकों के अनुसार दूरी और परिवहन की समस्या के कारण खासकर मजदूर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बारिश के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है।
15 दिन में सुरक्षा ऑडिट की मांग
रक्षक सेना भारत के प्रमुख एवं गांव निवासी मनजीत तिहाड़ा ने कहा कि गढ़ी बिलंदा में हादसे में छात्र यश की मौत के बावजूद स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने जर्जर भवनों की तकनीकी जांच, असुरक्षित हिस्सों को खाली कराने, विद्यार्थियों के लिए मुफ्त परिवहन और 15 दिन में जिलेभर के सरकारी स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की। संगठन ने डीसी, शिक्षा मंत्री और कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन देने की बात कही।
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विद्यालय मुखियाओं को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश कई बार दिए जा चुके हैं। किसी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी
फोटो :: सोनीपत के गांव तिहाड़ बाघडू के डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की छत से टूटा लेंटर का म
फोटो :: सोनीपत के गांव तिहाड़ बाघडू के डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की छत से टूटा लेंटर का म
फोटो :: सोनीपत के गांव तिहाड़ बाघडू के डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की छत से टूटा लेंटर का म
फोटो :: सोनीपत के गांव तिहाड़ बाघडू के डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की छत से टूटा लेंटर का म
फोटो :: सोनीपत के गांव तिहाड़ बाघडू के डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की छत से टूटा लेंटर का म