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प्रदेश में पहली बार सरकारी अस्पताल में लकवाग्रस्त के इलाज के लिए एक्टीलाइज इंजेक्शन, तबीयत में सुधार आया

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जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती लकवाग्रस्त मरीज के साथ उप सिविल सर्जन डॉ. तरुण यादव और चिकित्सकों क - फोटो : Sonipat
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अब चंद घंटे में ही लकवे का इलाज संभव हो गया है। प्रदेश में पहली बार जिला नागरिक अस्पताल में लकवे के इलाज के लिए परीक्षण किया गया। गांव मुरथल की रहने वाली बुजुर्ग महिला को सोमवार सुबह अचानक लकवा हुआ तो वह बेहोश हो गई। इसके बाद परिजन उसे नागरिक अस्पताल ले आए, जहां पर चिकित्सकों ने उसका सीटी स्कैन कराया। रिपोर्ट में मस्तिष्क की नसों में रक्त जमने के कारण लकवा होने की पुष्टि हुई। इसके बार आपातकालीन वार्ड में बुजुर्ग महिला को भर्ती करके एक्टीलाइज इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगाने से उसकी तबीयत में काफी सुधार आया है। चिकित्सकों की इस सफलता में मुख्यालय के अधिकारियों ने भी जिला नागरिक अस्पताल की टीम को बधाई दी है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक साल से कार्यशाला का आयोजन करके लकवे के इलाज के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया था। जिसमें उन्हें बताया गया कि एक्टीलाइज का इंजेक्शन लकवाग्रस्त को 4 से 6 घंटे के अंदर दिया जाएगा। यह इंजेक्शन मुख्यालय की तरफ से जिला नागरिक अस्पताल में उपलब्ध करवाया गया था।
मुरथल गांव की रहने वाले 68 वर्षीय बिमला का सोमवार सुबह नौ बजे आधा शरीर काम करने बंद कर दिया था। उसका मुंह भी टेढ़ा हो गया था। ऐसे में वह बेहोश हो गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर सोमवार सुबह 10 बजकर आठ मिनट पर नागरिक अस्पताल पहुंचे। जहां फिजिशन डॉ. शैलेंद्र राणा, डॉ. सीमा सिंह व मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुखदेव ने मरीज की हालत गंभीर देखते हुए 10 बजकर 20 मिनट पर उसका सीटी स्कैन करवाया। वहां से मिली रिपोर्ट के अनुसार मस्तिष्क की नसों में रक्त जमने के कारण बुजुर्ग महिला के बाएं हिस्से में लकवे का प्रभाव मिला। इस पर महिला का वजन करीब 50 किलोग्राम मानते हुए 10 बजकर 27 मिनट पर 4 एमजी का एक्टीलाइज का इंजेक्शन दिया गया। साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे तक पंप के माध्यम से उसको डोज दी गई। मरीज करीब 12 बजे तक काफी ठीक हो गई। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की हालत में सुधार है। वह जल्द ही ठीक हो जाएगी। इस पर सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया व उप सिविल सर्जन डॉ. तरुण यादव ने चिकित्सकों को बधाई दी।
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बाजार में 50 हजार रुपये में मिलता है एक्टीलाइज का इंजेक्शन
उप सिविल सर्जन डॉ. तरुण यादव ने बताया कि लकवे के इलाज में मरीजों को अब निजी अस्पतालों में पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। लकवे के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को 6 घंटे से पहले नागरिक अस्पताल लेकर आएं और इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि एक्टीलाइज का इंजेक्शन की कीमत करीब 50 हजार रुपये है,लेकिन नागरिक अस्पताल में यह मुफ्त लगाया जाता है। मरीज की तबीयत में जल्द ही सुधार होने लगता है।
लकवे के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया था। सोमवार को चिकित्सकों की टीम द्वारा लकवे के मरीज का इलाज किया गया। प्रदेश में पहली बार चिकित्सकों की सफलता पर मुख्यालय से भी बधाई मिली है। -डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन
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