सोनीपत। उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि धान उत्पादन में सोनीपत हरियाणा के अग्रणी जिलों में शामिल है। धान उत्पादन के लिए भू-दोहन के चलते जिले का भू जलस्तर 25 वर्षों से लगातार नीचे जा रहा है। पानी की बचत के लिए सरकार ने नियम बनाकर किसानों का आह्वान किया है कि वह 15 जून से पहले अपने खेतों में धान की रोपाई न करें।
उपायुक्त ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने पर ऐसे किसानों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के साथ 4000 रुपये प्रतिमाह जुर्माना (जब तक धान की फसल का सीजन रहेगा) का प्रावधान रहेगा। सरकार ने मेरा पानी मेरी विरासत परियोजना शुरू कर उन किसानों को प्रति एकड़ 8000 रुपये अनुदान देने की घोषणा की है, जिन्होंने अपने खेत में गत वर्ष धान (बौनी किस्मों, गैर बासमती) की फसल रोपकर उसका मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया था। उपायुक्त ने किसानों से आह्वान किया कि वह 15 जून के बाद ही धान की रोपाई के लिए खेतों में पानी छोड़े।
जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के मुताबिक 15 जून से पहले वायुमंडल में वाष्पीकरण की मात्रा अत्यधिक होती है। इससे पानी का वाष्पीकरण होने से बर्बादी अधिक होती है। कृषि विभाग ने उपमंडलीय, खंड एवं ग्राम स्तरीय टीमों को निर्देश दिए कि वो अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाएं।