सिसाना स्थित दहिया खाप के चबूतरे पर महापंचायत में अपने विचार रखते पंचायती। संवाद
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सिसाना स्थित दहिया खाप के चबूतरे पर प्रधान चुनने के लिए बुधवार को महापंचायत बुलाई गई। इसमें खाप के दोनों प्रधान शामिल हुए। पंचायत में हंगामा होने के कारण काफी सदस्य और दूसरे प्रधान सुरेंद्र दहिया वहां से चले गए। इसके बाद पंचायत करने वालों ने प्रधान महावीर दहिया के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया और उन्हें नए प्रधान का फैसला न होने तक कार्यकारी प्रधान रहने के लिए कहा। साथ ही 3 अप्रैल को दोबारा पंचायत बुलाई गई। इसके बाद दूसरे प्रधान सुरेंद्र दहिया ने कहा महापंचायत खत्म होने के बाद निर्णय लिया गया है, ऐसे में वह 3 अप्रैल को होने वाली पंचायत में नहीं जाएंगे।
सिसाना में बुधवार को हुई महापंचायत में कई बार अमर्यादित शब्दों का प्रयोग होने पर खूब हंगामा हुआ। मामला सिरे नहीं चढ़ता देख पंचायतियों ने अगली तारीख तय करने की बात कही, जिस पर इसे भी लेकर हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान पंचायत की अध्यक्षता करने वाले बुजुर्ग सहित कई सदस्य चले गए। वहीं प्रधान सुरेंद्र दहिया के भी पंचायत से चले जाने के बाद मौके पर मौजूद पंचायतियों ने दूसरे प्रधान महावीर दहिया के इस्तीफे को भी नामंजूर कर दिया। उन्होंने कहा कि वही प्रधान रहेंगे। लेकिन महावीर दहिया ने दोबारा प्रधान बनने से मना किया तो पंचायत ने उन्हें फैसला होने तक कार्यकारी प्रधान रहने के लिए कहा।
सिसाना गांव के पांच मौजिज लोगों को निर्णय कर एक तारीख पर फैसला सिरे चढ़ाने को कहा गया, ताकि उस दिन पंचायत रखी जा सके। महापंचायत में 3 अप्रैल को दहिया खाप की पंचायत रखने का एलान किया गया। जबकि प्रधान सुरेंद्र दहिया ने इस पंचायत में यह कहते हुए नहीं पहुंचने की बात कही है कि पंचायत खत्म होने के बाद एकतरफा फैसला लिया गया है। ऐसे में वह 3 अप्रैल की पंचायत में नहीं जाएंगे। जबकि इससे पहले दहिया खाप की एक पंचायत चबूतरे पर की जाएगी। इस दौरान धर्मबीर दहिया, कुलदीप दहिया, कृष्ण दहिया, आनंद दहिया, कुलदीप दहिया, बिजेंद्र उर्फ ढीलू, राजेंद्र दहिया, नरेश दहिया मौजूद रहे।