संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। नगर परिषद गोहाना कार्यालय में हाल ही में पारित बजट को लेक चेयरपर्सन रजनी विरमानी की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस दौरान पार्षदों ने कम्युनिटी सेंटर के संचालन का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कम्युनिटी सेंटर ठेके पर दिया गया है। इससे परिषद को प्रति कार्यक्रम 5100 रुपये आ रहे हैं जबकि उपयोगकर्ता से 25,000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
बैठक में उपाध्यक्ष राजबाला, ईओ निशा शर्मा, सचिव सुन्दरलाल और पार्षद उपस्थित रहे। गोहाना के विकास और जनसुविधाओं को मजबूत करने को लेकर परिषद की प्रतिबद्धता जताई गई। इसके बाद नगर परिषद की हाउस मीटिंग में सालाना बजट पर चर्चा की गई।
परिषद की आय और खर्च का ब्योरा रखा गया। पार्षदों से सुझाव मांगे गए। इस दौरान सरकार की तरफ से जारी बजट में नगर क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों, विकास कार्यों की संभावनाओं और प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य यह रहा कि बजट का अधिकतम लाभ नगरवासियों तक पहुंचे और योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जा सके।
उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी पैसा कहां जा रहा है। पार्षदों का सुझाव था कि अगर परिषद खुद इसका संचालन करे और 11,000 रुपये शुल्क रखा जाए तो आम लोगों को राहत मिलेगी और परिषद को भी फायदा होगा। इसके अलावा सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य जनसुविधाओं पर भी सुझाव दिए गए।
नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि परिषद को इस वर्ष 41 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये की आमदनी हुई है। 41 करोड़ 11 लाख 43 हजार 896 रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि परिषद को टावर फीस, स्टांप ड्यूटी, दुकानों के किराये, हाउस टैक्स, कम्युनिटी सेंटर आदि से आय होती है।
गोशालाओं के रखरखाव, डोर टू डोर सफाई, टेलीफोन बिल, पार्कों का रखरखाव, नंदीशाला, आवारा कुत्तों की देखभाल, चुनाव खर्च और अन्य मदों पर खर्च किया जाता है। बैठक का उद्देश्य पार्षदों से सुझाव लेकर सालाना बजट को और बेहतर बनाना बताया गया।
गोहाना नगर परिषद गोहाना में बजट को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करती नप अध्यक्ष रजनी विरमानी। स