सोनीपत। झरोठी गांव में जमीन खरीदकर धोखाधड़ी करने की शिकायत हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण तक पहुंच गई है। प्राधिकरण ने बैठक के बाद भुगतान का निस्तारण न होने तक जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है।
सोनीपत के सेक्टर-15 के पार्ट-3 निवासी मनमीत कौर ने शालीमार बाग निवासी अमित जैन और उसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता सत्यपाल पर जमीन खरीद में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि बिल्डर फर्म मरिडा सेवन एलिमेंट्स एलएलपी ने वर्ष 2024 में गांव झरोठी की 27 कनाल 7 मरला जमीन खरीदी थी। इसकी कीमत 7 करोड़ 69 लाख रुपये तय हुई थी। बिल्डर ने भुगतान के लिए 16 चेक दिए। जनवरी 2025 को नियत तिथि पर सभी चेक बाउंस हो गए।
चेक बाउंस होने के बाद बिल्डर झूठे आश्वासन देता रहा। धोखे से उसने जमीन अपने नाम दर्ज कराकर करीब 10 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक प्लॉटेड कॉलोनी के विकास का लाइसेंस भी ले लिया। बिल्डर ने बिना भुगतान किए ही न केवल लाइसेंस लिया बल्कि अवैध रूप से साइट पर विकास कार्य भी शुरू कर दिया।
इसके बाद मनमीत कौर ने धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध पुलिस और हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण पंचकूला में शिकायत की। शिकायत में कहा गया कि भूमि का कुल विक्रय मूल्य 7,69,21,875 निर्धारित किया गया था लेकिन भुगतान के लिए जारी किए गए सभी चेक बाउंस हो गए।
मनमीत कौर का कहना है कि बिल्डर की नीयत शुरू से ही खराब थी। बिल्डर के पक्ष में निष्पादित विक्रय विलेख संख्या लाइसेंस अमान्य है क्योंकि जमीन विक्रय का कोई प्रतिफल नहीं दिया गया है। मनमीन कौर का कहना है कि जब उन्हें पता चला है कि बिल्डर ने उक्त लाइसेंस के तहत अपनी आगामी परियोजना के पंजीकरण के लिए प्राधिकरण में आवेदन किया है तब उन्होंने शिकायत की।
उनके आवेदन पर प्राधिकरण का मानना था कि चूंकि परियोजना अभी तक पंजीकृत नहीं हुई है इसलिए शिकायतकर्ता को सलाह दी गई है कि वे अपनी शिकायत के निवारण के लिए डीटीसीपी या अन्य कानूनी मंचों से संपर्क करें।
इसके अलावा कार्यालय को सलाह दी गई कि मामला प्राप्त होने पर उस पर नजर रखी जाए। प्राधिकरण के आदेश के बाद अब इस जमीन की बिक्री करने पर रोक लगा दी गई है।