फेसबुक पर लाइव सुसाइड मामले में युवक के परिजनों को अपनी जान की चिंता सता रही है। परिजनों का आरोप है कि तीनों आरोपी दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। ऐसे में उनके पास सर्विस पिस्टल होना लाजिमी है, जिससे उनको अपनी जान का खतरा बना हुआ है। वीरवार को एसपी से मिलने पहुंचे परिजनों ने यह बात कही। वहीं, मीडिया से मुखातिब होते हुए परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में मामले की जांच एसआईटी या सीआईए से कराई जाए। पुलिस अधीक्षक ने मामले में जल्द ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ये स्पष्ट नहीं कर रही है कि फरार चल रहे दिल्ली पुलिस कर्मियों के पास पिस्टल है या नहीं। इसके अलावा उन्होंने मामले में न्याय दिलाने के लिए आत्महत्या की फुटेज पीएम, सीएम व केंद्रीय गृह मंत्री को ट्वीट कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
देव नगर निवासी दीपक के लाइव सुसाइड मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर वीरवार को उसके परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे। दीपक की बहन नीलम ने कहा कि उन्हें जान का खतरा सता रहा है। उन्होंने कहा कि तीनों आरोपी दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। उनके पास उनकी सर्विस पिस्टल भी होगी, जिससे वह उन पर हमला कर सकते हैं। उसके बावजूद पुलिस उनको गिरफ्तार करने के लिए कुछ नहीं कर रही है।
ट्विटर पर लगाई गुहार
परिजनों ने बताया कि मामले में न्याय की मांग को लेकर उन्होंने उन्होंने पीएम, सीएम व केंद्रीय गृह मंत्री तक गुहार लगाई है। उन्होंने इसके लिए सुसाइड की वीडियो फुटेज भी उन्हें ट्वीट कर भेजी है। वह न्याय पाने के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
गन्नौर आत्महत्या मामले में एक ही दिन में काबू किए आरोपी
दीपक की बहन नीलम ने बताया कि गन्नौर में इसी तरह आत्महत्या करने का एक मामला सामने आया। उसमें पुलिस ने एक ही दिन में मामला दर्ज कर आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। उनके मामले में देरी क्यों हो रही है। वह मामलेे को लेकर कैंडल मार्च भी निकालेंगे और जल्द ठोस कार्रवाई की मांग करेंगे।
दो दिन में ठोस कार्रवाई का मिला आश्वासन
दीपक के परिजनों ने बताया कि उन्हें पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के अंदर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सिटी थाना प्रभारी को दो दिन में रिजल्ट देने का निर्देश दिया है। परिजनों की जांच बदलने की मांग पर उन्होंने दो दिन का समय मांगा है।
आरोपियों के नंबर है वाट्सअप पर ऑनलाइन
परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से संपर्क नहीं हो पा रहा है, लेकिन उनके नंबर व्हाट्सअप पर ऑनलाइन दिखा रहे हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने की पहल नहीं कर रही है, जबकि उन पर आरोपी पक्ष की तरफ से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।
पुलिस दीपक के परिवार की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरत रही है। पुलिस कर्मी ड्यूटी छोड़ते समय अपने हथियार जमा करा कर जाते हैं। ऐसे में आरोपियों के पास हथियार होना लाजिमी नहीं है। साथ ही हथियार लेकर फरार होने पर एक अन्य मामला दर्ज हो सकता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मुकेश कुमार, डीएसपी
पुलिस मामले में बारीकी से जांच कर रही है। शिकायत मिलते ही केस दर्ज कर दिया गया था। किसी तरह की कोताही नहीं हो रही है। आरोपियों के हर संभावित ठिकाने पर पुलिस रेड कर रही है।
-अश्विन शैैणवी, पुलिस अधीक्षक।
ये है मामला
बता दें कि 15 अप्रैल की देर शाम देव नगर निवासी दीपक (28) ने अपने घर में पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दीपक ने पूरी घटना को फेसबुक पर वीडियो लाइव कर दिखाया था। युवक ने फेसबुक पेज पर बेटे संग अपनी फोटो अपलोड करने के बाद वीडियो के ऑपशन को लाइव किया और पंखे से रस्सी को बांधकर फंदा लगाकर उस पर लटक गया था। पुलिस दीपक के घर पहुंची और उसके घर के अंदर दीवार पर लिखे सुसाइड नोट को कैमरे में कैद किया था। साथ ही पुलिस ने उसके कमरे से 60 पेज की डायरी भी बरामद की है, जिसमें उसने महिला सहित तीनों पुलिस कर्मियों के संबंधों के बारे में लिखा हुआ है। पुलिस ने शनिवार को दीपक के पिता रमेश के बयान पर दिल्ली पुलिस की महिला हेडकांस्टेबल ऊषा, एसआई अरविंद व एएसआई सुरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया था।