जीटी रोड स्थित पीपलीखेड़ा मोड़ के पास अचानक सामने आई कार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हुए कैंटर चालक ने सड़क किनारे खड़े बिजली के चार खंभों को तोड़ दिया। बाद में कैंटर सड़क किनारे पलट गया। चार खंभे टूटकर हाईवे पर गिरने से जीटी रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
कुछ देर में ही मौके पर वाहनों की कतार लग गई। इससे जाट आंदोलनकारियों द्वारा हाईवे पर जाम लगाने की अफवाह फैल गई। अफवाह के बाद लोगों ने वाहनों के रूट बदल लिए। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन मंगवाकर सभी खंभों को हटाया। इस दौरान तार काट रहे तीन बिजलीकर्मी भी कार द्वारा तारों को टक्कर मारने से चोटिल हो गए। इस दौरान करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे एक कैंटर चालक दिल्ली की तरफ से पानीपत की तरफ जा रहा था।
पीपलीखेड़ा कट पर पहुंचने के बाद उसके सामने एक कार अचानक आ गई। कार को बचाने के प्रयास में चालक ने कैंटर को डिवाइडर की तरफ मोड़ दिया। इसके बाद चालक सड़क किनारे स्थित खंभों को तोड़ता पानीपत-दिल्ली लेन की तरफ जाकर पलट गया। हादसे के बाद सभी खंभे सड़क पर जा गिरे। जिससे वहां जाम की स्थिति बन गई। हादसे में चोटिल हुए चालक को निजी अस्पताल में ले जाया गया। सूचना पर पहुंची मुरथल, जीटी रोड गन्नौर चौकी पुलिस और राजलूगढ़ी चौकी पुलिस ने वाहनों को गुजारने का प्रयास शुरू कर दिया।
वहीं लड़सौली पावर हाउस से फोरमैन विश्वेंद्र, एएलएम राजपाल और सुभाष भी मौके पर पहुंच गए और बिजली के तारों को हटाने का काम शुरू किया, जिससे आवागमन सुचारु किया जा सका। इसी दौरान तेज रफ्तार कार बिजली के तारों में उलझ गई, इससे बिजली के तारों को काट रहे तीनों निगम कर्मी चोटिल हो गए। उन्हें अस्पताल में उपचार दिलाया गया। पुलिस ने मौके पर क्रेन मंगवाकर खंभों को हटवाया और वाहनों को गंतव्य की तरफ रवाना किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जाट समुदाय द्वारा जाम लगाने की अफवाह से परेशान रहे वाहन चालक
जीटी रोड पर पीपलीखेड़ा के पास खंभे टूटने के बाद लगे जाम के बीच किसी ने अफवाह फैला दी जाट समुदाय के लोगों ने फिर से हाईवे जाम कर दिया है। इस अफवाह के बाद तो वाहन चालकों को परेशानी बढ़ गई। वाहन चालकों ने अन्य संपर्क ामार्गों से आवागमन शुरू कर दिया। साथ ही पुलिस व अर्धसैनिक बलों से भी जाम के बारे में ही जानकारी लेते रहे। बाद में जब पता कि खंभे टूटने से हादसा हुआ तो है उनकी जान में जान आई।