संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की ठगी हुई थी। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने 13 वर्ष से फरार 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी सदन सरकार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से पकड़ा गया है। पुलिस प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने इसकी जानकारी दी।
गांव मकीमपुर निवासी वीरेंद्र ने थाना राई में शिकायत दर्ज कराई थी कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत कई युवकों को ठगा गया। उनसे रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 60 लाख रुपये ठगे गए थे। आरोपी सदन सरकार 13 साल से भगोड़ा था।
उसकी गिरफ्तारी पर हरियाणा पुलिस महानिदेशक ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस उपायुक्त सोनाक्षी सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त अजीत सिंह के पर्यवेक्षण में कार्रवाई हुई। आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक राजू सिंधु की टीम ने यह सफलता हासिल की।
आरोपी सदन सरकार पुरुलिया का ही रहने वाला है। उसे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से गिरफ्तार किया गया। अनुसंधानकर्ता उप निरीक्षक अमित अहलावत, पुलिस उप निरीक्षक नवीन कुमार, मुख्य सिपाही रविंद्र कुमार और विशेष पुलिस अधिकारी राजेश कुमार की टीम ने 13 जुलाई 2026 को पुरुलिया में दबिश दी।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे छह दिन का ट्रांजिट रिमांड दिया है। रिमांड अवधि के दौरान उसे सोनीपत लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा। यहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। चरखी दादरी के गांव बिलाली निवासी दयाकिशन सांगवान को गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय ने सुनवाई पूरी होने के बाद उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। वहीं, नई दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू निवासी मदिवानन उर्फ मदन भी इस मामले में आरोपी था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी।
आर्थिक अपराधियों पर सख्ती
पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने इस संबंध में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सोनीपत पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई आम लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले आर्थिक अपराधियों के खिलाफ है। भगोड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है। कानूनी संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।