सोनीपत। ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट सोसाइटी बना लोगों को झांसे में लेकर हजारों करोड़ रुपये ठगने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज लोगों ने शहर में जुलूस निकाला। उन्होंने सांसद व विधायक आवास के बाहर रोष जताने के बाद ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि सोसाइटी के संचालक विदेश में बैठे हैं।
ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी, जालसाजी और अनुबंधीय दायित्वों के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। मध्यप्रदेश के इंदौर में पंजीकृत सोसाइटी का गठन बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम के तहत किया गया था। सोसाइटी 16 सितंबर, 2016 से एमपी, हरियाणा सहित कई राज्यों में कार्य कर रही है। सोसाइटी ने लोगों को झांसे में लेकर उनसे फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और आवर्ती जमा (आरडी) जैसी बचत योजनाओं में रुपये जमा कराए। निवेशकों को आकर्षित करने को खूब प्रचार किया। जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लोग जुड़ते चले गए। लोगों को कहा गया कि उनकी परिपक्वता राशि (मैच्योरिटी) का भुगतान समय पर किया जाएगा। सोसाइटी ने निवेशकों को जोडऩे पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की बात कही। जिससे लोगों ने अपने परिचितों को जोड़ दिया। पीडि़त ने भी एक हजार के करीब लोगों को जोड़ा था। कंपनी के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। बाद में पता लगा था कि सोसाइटी की तरफ से फर्जीवाड़ा किया गया है।
बुधवार को मजदूर संगठन सीटू से जुड़े संयोजक पवन वशिष्ठ, वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के उपाध्यक्ष कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छह साल पहले कानून बन चुका है कि इस तरह की ठगी के शिकार लोगों को छह माह में उनकी राशि दिलाई जाएगी। उसके बावजूद इस मामले में कोई पहल नहीं हो रही है। उन्होंने ठोस कार्रवाई कर राशि दिलाने की मांग की है।