फोटो :: सोनीपत के गांव आनंदपुर में नाबालिग की शादी कराए जाने के बाद जांच करती जिला बाल विवाह नि
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खरखौदा। गांव आनंदपुर में 20 वर्षीय युवक का विवाह कराए जाने की सूचना पर जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता की टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवा दी। परिवार में बड़े भाई की शादी के साथ युवक का विवाह भी कराया जाना था। बरात उत्तराखंड के हरिद्वार जाने की वाली थी।
सूचना मिलने पर टीम ने संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर युवक-युवती के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की। जांच में युवक की वैधानिक विवाह आयु पूरी नहीं मिली, जबकि युवती की उम्र 19 वर्ष बताई गई है।
टीम ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर विवाह रोकने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने कम उम्र में विवाह कराने के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में भी समझाया।
कार्रवाई करने वाली टीम में सिपाही स्वीटी, राजमल और सहायक राजेश शामिल रहे। टीम ने संबंधित अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी।
परिवार को समझाए कानून के प्रावधान
टीम ने परिवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए कानून में निर्धारित आयु पूरी करना जरूरी है। परिवार को कम उम्र में विवाह कराने के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में भी समझाया गया।
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बाल विवाह बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक एवं कानूनी समस्या है। आमजन से है किकहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
रजनी गुप्ता, जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी