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मुरथल यूनिवर्सिटी बचाएगी छात्रों की डीएमसी, एकेडमिक काउंसिल से बी-वोकेशनल को मिलेगी मंजूरी

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मुरथल यूनिवर्सिटी बचाएगी छात्रों की डीएमसी, एकेडमिक काउंसिल से बी-वोकेशनल को मिलेगी मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में यूजीसी से कम्यूनिटी कालेज की अनुमति लेकर बी-वोकेशनल में एडमिशन करके डीएमसी देने के मामले में छात्रों को राहत मिलने वाली है। क्योंकि यूनिवर्सिटी उन छात्रों के भविष्य को देखते हुए एकेडमिक काउंसिल से बी-वोकेशनल को मंजूरी दिलाएगी और यह फैसला दिसंबर में होने वाली मीटिंग में लिया जाएगा। जिसके बाद जिन 50 से ज्यादा छात्रों को डीएमसी मिल चुकी है, उनकी वह डीएमसी रेगुलर हो जाएगी। वहीं यूनिवर्सिटी की ओर से इस मामले में बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिसकी लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
मुरथल यूनिवर्सिटी को यूजीसी से 2014-15 में कम्यूनिटी कालेज की अनुमति मिली थी। कम्यूनिटी कालेज के तहत डिप्लोमा इन रिटेल मैनेजमेंट व एडवांस डिप्लोमा इन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी की अनुमति दी गई थी। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी को पहले वर्ष के लिए पहली किस्त 25.30 लाख रुपये की ग्रांट तक जारी की थी। लेकिन यूनिवर्सिटी में 2014-15 में कोई एडमिशन नहीं किया गया और 2015-16 से जब एडमिशन किए गए तो वह बी-वोकेशनल कोर्स के तहत कर लिए गए जो कम्यूनिटी कालेज से अलग होते हैं। यूजीसी से कम्यूनिटी कालेज की अनुमति होने के बावजूद बी-वोकेशन कोर्स का स्लेबस व एग्जाम सीट बनाने के लिए वीसी की ओर से अनुमति भी जारी कर दी गई थी और बी-वोकेशन कोर्स के तहत एग्जाम कराकर 50 से ज्यादा छात्रों को डीएमसी भी जारी हो चुकी है। लेकिन यूजीसी से कम्यूनिटी कालेज की अनुमति होने के बावजूद बी-वोकेशनल की जिन डीएमसी को दिया गया है, उन डीएमसी की मान्यता पर सवाल खड़ा हो गया था और उनको निरस्त करने की तैयारी कर दी गई थी। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसका समाधान निकाल लिया है, जिससे छात्रों का भविष्य खराब नहीं हो। इसके लिए बी-वोकेशनल के पाठ्यक्रम को एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में मंजूरी दिलाई जाएगी। जिसके बाद डीएमसी मान्य हो जाएगी और छात्र उनका आगे की पढ़ाई व नौकरी में इस्तेमाल कर सकते हैं।
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कम्यूनिटी कालेज की जगह बी-वोकेशनल कोर्स कराकर डीएमसी बांटने के मामले में फैसला लिया गया है कि छात्रों के भविष्य पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए ही दिसंबर में होने वाली एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में बी-वोकेशनल को मंजूरी दी जाएगी, जिससे जिन छात्रों को डीएमसी मिल चुकी है वह मान्य हो जाएगी। इसके अलावा इस मामले में जांच चल रही है और उस जांच में जिसकी लापरवाही मिलती है, उसपर कार्रवाई होगी। अनिल खुराना, रजिस्ट्रार
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