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राजकुमार सैनी में हिम्मत है तो 2019 में सोनीपत से चुनाव लड़कर दिखाए: दहिया

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राजकुमार सैनी में हिम्मत है तो 2019 में सोनीपत से चुनाव लड़कर दिखाए : दहिया
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राष्ट्रीय किसान आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष की सैनी को चुनौती, यशपाल मलिक को कहा अमित शाह का गुर्गा
कहा कि दिल्ली घेराव के कोई नुकसान हुआ तो किसान नेताओं से कराई जाए उसकी भरपाई
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। राष्ट्रीय किसान आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश दहिया ने कहा कि भाजपा सांसद राजकुमार सैनी बयानबाजी करके लोगों को बरगला रहे हैं। अगर उनको पद से मोह नहीं है और समाज की चिंता है तो वह सांसद से अभी इस्तीफा देकर अगला लोकसभा चुनाव सोनीपत से लड़े। कहा कि सैनी में सोनीपत से चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि उसे खुद को अपनी स्थिति का पता है।
डॉ. राजेश दहिया ने रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दो साल पहले प्रदेश में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान यूपी व दिल्ली के कुछ लोगों ने जाटों के बीच आकर दंगा कराया। दंगे के दौरान ही वह अपने ठिकानों पर चले गए, उसके बाद जाट समाज के युवाओं को फंसाया गया। दहिया ने आरोप लगाया कि आरक्षण आंदोलन के दौरान ही मलिक ने अपनी जेबें भर ली और युवाओं को जेलों में बंद करा दिया। वहीं यशपाल मलिक को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का गुर्गा भी बताया।
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23 फरवरी को किसानों के दिल्ली घेराव आंदोलन पर कहा कि किसान नेता भी लोगों को बरगलाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर दिल्ली घेराव के दौरान कोई नुकसान होता है तो उसकी भरपाई सरकार को किसानों से नहीं, बल्कि नेताओं से करनी चाहिए। कहा कि राष्ट्रीय किसान आरक्षण संघर्ष समिति भी किसानों के आंदोलन का समर्थन करती है। इस दौरान मूलचंद दहिया, बलजीत, रणबीर मलिक, रणसिंह दहिया, बलराज, डीसी छिक्कारा आदि मौजूद रहे।
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राजेश दहिया सरकार का आदमी : यशपाल मलिक
सोनीपत। आखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने पलटवार करते हुए कहा कि यह पहले हमारी ही समिति में शामिल था। लेकिन यह सरकार का आदमी है और सुभाष बराला का काफी करीबी है। इस कारण यह समाज के हित की बात करने की जगह केवल सरकार का पक्ष लेता था और इस कारण ही इसको हमने समिति से बाहर कर दिया था। अब भी यह केवल सरकारी की बात करता है और हमेशा चर्चा में बने रहने के कारण समाज के खिलाफ बोलता है। क्योंकि जाट समाज को अच्छी तरह से पता है कि उनके साथ हर समय कौन खड़ा है।
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